दिल्ली के रोहिणी में इमारत गिरी; एक की मौत, पांच-छह के मलबे में फंसे होने की आशंका
शोभना
- 08 Jul 2026, 11:04 PM
- Updated: 11:04 PM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) दिल्ली के रोहिणी में बुधवार शाम तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान ढह गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि पांच-छह लोगों के मलबे में फंसे होने की आंशका है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इमारत से दो लोगों को निकाला गया है। मृतक की पहचान 42 वर्षीय राम के रूप में की गई। बचाए गए दो व्यक्तियों में 32 वर्षीय सद्दाम भी शामिल है, जिसे मलबे से जीवित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए बीएसए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दिल्ली के कई इलाकों में भारी बारिश के बीच रोहिणी सेक्टर 16 में एक एमसीडी स्कूल के पास शाम 4.20 बजे इमारत ढह गई। हालांकि, अधिकारियों ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि इस घटना का कारण खराब मौसम था या नहीं।
पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), राजस्व विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया जो देर शाम तक जारी रहा।
इमारत ढहने की सूचना मिलने के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा ने शुरू में कई बचाव वाहनों और विशेष टीमों को घटनास्थल पर भेजा था। मलबे में फंसे लोगों को खतरे में डाले बिना मलबे को सावधानीपूर्वक हटाने के लिए हाइड्रोलिक कटर और जेसीबी मशीनों सहित भारी उपकरण तैनात किए गए।
रोहिणी के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शशांक जयसवाल ने कहा कि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जबकि बचाव कार्य अब भी जारी है।
जयसवाल ने कहा, ""हमने पहले से ही ऑक्सीजन की मांग कर दी थी। हम उस व्यक्ति के पास पहुंचे और उसे पानी दिया। उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। हम मलबे में फंसे अन्य लोगों से संपर्क स्थापित करने और उन्हें जल्द से जल्द निकालने की कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने मलबे में एक वाहन के दबे होने की खबरों पर भी सफाई दी।
डीसीपी ने कहा, ''मलबे में दबी हुई कार एक उपनिरीक्षक की है। वह इमारत गिरने से ठीक पहले मौके पर पहुंचे थे और सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। केवल उनका वाहन मलबे के नीचे फंसा है।''
विशेष बचाव टीमों के पहुंचने से पहले, स्थानीय लोगों ने फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश में हाथों से ईंटों, कंक्रीट स्लैब और मुड़ी हुई लोहे की छड़ों को हटाना शुरू कर दिया।
कुछ निवासियों ने मलबा हटाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, जबकि अन्य लोग पास के घरों और निर्माण स्थलों से फावड़े और अन्य उपकरण लाए। बचाव कार्य के मद्देनजर घटनास्थल के आसपास घेराबंदी कर दी गई।
बचाव अभियान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) द्वारा जारी एक वीडियो में दिख रहा है कि बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए ''हाइड्रोलिक कटर'' और विशेष उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पीड़ितों को नुकसान न पहुंचे।
वीडियो में एक दमकल कर्मी मलबे में अंदर झांकता दिख रहा है जहां एक व्यक्ति फंसा हुआ है और उसका हाथ दिख रहा है।
दमकल कर्मी फंसे हुए व्यक्ति को आश्वस्त करने के लिए यह कहते हुए सुना गया, "आप चिंता मत करिये, आपको बचा लेंगे सर।"
बचाव कर्मियों ने कहा कि प्रत्येक स्लैब को सावधानी से हटाया जा रहा है ताकि किसी अन्य दुर्घटना से बचा जा सके जो पीड़ितों और बचावकर्ताओं दोनों को खतरे में डाल सकती है।
पुलिस ने कहा कि अलग-अलग टीमें बचाव अभियान और हादसे की वजह बनी परिस्थितियों की जांच पर एक साथ काम कर रही हैं।
पुलिस ने कहा कि वे इमारत के स्वामित्व, घटना के समय अंदर मौजूद मजदूरों और अन्य लोगों की संख्या और क्या निर्माण मानदंडों का पालन किया गया था, इसके बारे में विवरण एकत्र कर रहे हैं।
स्थानीय विधायक कुलवंत राणा ने कहा कि निर्माणाधीन इमारत के मालिक के भी मलबे में फंसे होने की आशंका है।
राणा ने कहा, "आशंका है कि करीब पांच लोग मलबे में फंसे हैं। माना जा रहा है कि इमारत का मालिक भी अंदर दबा हुआ है, लेकिन बचाव दल उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए काम कर रहे हैं।"
राम की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए राणा ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले।
रोहिणी ए वार्ड से आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद प्रदीप मित्तल ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "यह बहुत गंभीर घटना है और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हमारी तत्काल प्राथमिकता बचाव अभियान है, क्योंकि आशंका है कि कुछ लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही इमारत ढहने का सही कारण पता चल पाएगा।"
साकेत में इमारत ढहने की घटना का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि कुछ हफ्ते पहले भी एक इमारत ढह गई थी, जिसके बाद भवन उपनियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कहा कि ढही हुई संरचनाएं हाल ही में निर्मित इमारतें थीं और उनके भवन नक्शे 'सरल योजना' के तहत स्वीकृत किए गए थे। निकाय की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, जी-4/152 और जी-4/153 नंबर की संपत्तियां इस घटना में प्रभावित हुई हैं।
निरीक्षण के दौरान, फील्ड अधिकारियों को स्थानीय निवासियों और मौके पर मौजूद व्यक्तियों से पता चला कि इमारत गिरने से पहले उसमें कथित तौर पर प्लंबिंग का काम किया जा रहा था।
नगर निकाय ने कहा कि दोनों संरचनाएं पूरी तरह से ढह गईं, जिससे व्यापक क्षति हुई।
एमसीडी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इमारत ढांचे में आई कमजोरी या नींव के असमान रूप से धंसने के कारण ढही हो सकती है।
हालांकि, निगम ने इस बात पर जोर दिया कि सटीक कारण विस्तृत तकनीकी परीक्षण के बाद ही पता चल पाएगा।
पुलिस ने कहा कि विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और स्वीकृत योजनाओं के पालन, निर्माण गुणवत्ता, संभावित संरचनात्मक संशोधन और परियोजना से जुड़े लोगों की भूमिका सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
भाषा नोमान शोभना
शोभना
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