गोवा की 'म्हाजो फ्लैट' योजना से हजारों फ्लैट मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद
माधव
- 09 Jul 2026, 06:19 PM
- Updated: 06:19 PM
पणजी, नौ जुलाई (भाषा) गोवा सरकार की प्रमुख 'म्हाजो फ्लैट' योजना के लाभार्थियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे उन हजारों फ्लैट मालिकों को उनकी संपत्तियों का कानूनी स्वामित्व मिलेगा, जो बिल्डरों और भूमि मालिकों के बीच विवाद के कारण दशकों से स्वामित्व हस्तांतरण नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत द्वारा 2026-27 के बजट में घोषित 'म्हाजो फ्लैट' योजना के तहत पात्र फ्लैट मालिक सहकारी आवास समितियां गठित कर भूमि का एकतरफा 'डीम्ड कन्वेयंस' (अनुमानित स्वामित्व हस्तांतरण) प्राप्त कर सकेंगे, भले ही बिल्डर उपलब्ध न हो या भूमि मालिक के साथ उसका विवाद जारी हो।
अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सहकारिता विभाग सुगम बनाएगा। इसके बाद भूमि का स्वामित्व आवास समिति को हस्तांतरित कर दिया जाएगा, जिससे निवासियों को अपने घरों का कानूनी स्वामित्व मिल जाएगा।
पणजी स्थित जयराम कॉम्प्लेक्स के निवासी और योजना के लाभार्थी डॉ. गोविंद कामत ने कहा, ''यह योजना गोवा के लिए परिवर्तनकारी साबित होगी। कई इमारतों की भूमि का स्वामित्व हस्तांतरण इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि बिल्डरों का निधन हो गया, वे फरार हो गए या उन्होंने कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं कीं। यह योजना अंततः निवासियों को अपने घरों का कानूनी स्वामित्व दिलाएगी।''
कामत ने पात्र फ्लैट मालिकों से सहकारी आवास समितियां गठित कर योजना के तहत आवेदन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इससे न केवल निवासियों को लाभ होगा, बल्कि स्वामित्व के नियमितीकरण के जरिए सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने इस योजना को फ्लैट मालिकों के लिए परिवर्तनकारी कदम बताते हुए इसे लागू करने के लिए गोवा मंत्रिमंडल और मुख्यमंत्री सावंत को बधाई दी।
एक अन्य लाभार्थी पणजी की निसा कुटिन्हो ने कहा कि इस फैसले से उन परिवारों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा, जिन्होंने अपनी जीवनभर की बचत से फ्लैट खरीदे, लेकिन कानूनी विवादों और बिल्डरों से जुड़े मुद्दों के कारण उन्हें स्वामित्व का अधिकार नहीं मिल सका।
उन्होंने कहा, '''म्हाजे फ्लैट' योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद यह उत्साहजनक है कि सरकार अब फ्लैट मालिकों की समस्याओं का भी समाधान कर रही है। यह लंबे समय से लंबित मुद्दा था, जिससे कई परिवार प्रभावित थे। मुझे उम्मीद है कि सभी पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।''
योजना के तहत लाभार्थियों को 10,000 रुपये का एकमुश्त पंजीकरण शुल्क और 1,000 रुपये की स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन को सरल बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने गोवा सहकारी समिति अधिनियम, भारतीय स्टांप अधिनियम और राजस्व से संबंधित अन्य प्रावधानों में संशोधन को भी मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से स्वामित्व से जुड़े हजारों लंबित विवादों का समाधान होगा और कानूनी अड़चनों के कारण वर्षों से रुके पुराने अपार्टमेंट परिसरों के पुनर्विकास का रास्ता भी साफ होगा।
भाषा
राखी माधव
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