उत्तराखंड के सात जिलों में बारिश का 'ऑरेंज' अलर्ट, उफनाई नदी में डूबने से किशोर की मौत
दीप्ति रवि कांत
- 10 Jul 2026, 05:49 PM
- Updated: 05:49 PM
देहरादून, 10 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश के कारण हुए हादसों में एक किशोर की मौत हो गई, जबकि जगह-जगह भूस्खलन होने से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रदेश की 118 सड़कें अवरुद्ध हो गईं।
प्रशासन ने मौसम विभाग के भारी से बहुत भारी बारिश के पूर्वानुमान के बाद सतर्कता बढ़ा दी है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को देहरादून समेत सात जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। इसके मद्देनजर देहरादून सहित कई जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखे गए।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश भगवानपुर में 232 मिलीमीटर (मिमी), रुड़की में 190 मिमी, कीर्तिनगर में 140 मिमी, लक्सर में 114 मिमी, कालाढूंगी में 82 मिमी, पुरोला में 80 मिमी, मसूरी में 74.1 मिमी, त्यूणी में 73 मिमी, बड़कोट में 72 मिमी, चकराता में 69.3 मिमी, रोशनाबाद में 68 मिमी, कुथनौर और चिन्यालीसौड़ में 67-67 मिमी तथा जखोली में 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अन्य स्थानों पर भी मध्यम बारिश हुई।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, हरिद्वार जिले के भगवानपुर में एक किशोर की बरसाती नदी में डूबने से मौत हो गई। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और पुलिस के तलाशी अभियान के दौरान शुक्रवार तड़के शाहिद (18) का शव बरामद किया गया।
एक अन्य घटना में नैनीताल में न्यू पैवेलियन होटल के पास एक विशाल पेड़ गिरने से दो राहगीर मामूली रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे प्रदेश भर में करीब 118 सड़कें बंद हो गईं। इन मार्गों को खोलने का काम जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास करीब 100 मीटर सड़क का एक हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी मरम्मत का काम जारी है। वहीं, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगून और नालू पानी में पहाड़ी से बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। खराब मौसम के बावजूद मलबा हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लगातार बारिश के कारण गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों समेत कई छोटी नदियां उफान पर हैं। केंद्रीय जल आयोग के हवाले से एसईओसी ने बताया कि उत्तरकाशी और देवप्रयाग में भागीरथी नदी, नंदकेसरी में पिंडर, धारचूला में काली और जौलजीबी में गोरी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि, नदियों का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए एसईओसी ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने, सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बारिश की चेतावनी के मद्देनजर देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखे गए।
भाषा
दीप्ति रवि कांत
1007 1749 देहरादून