कोई नया अयप्पा संगमम नहीं, भगवान अयप्पा को प्रचार की जरूरत नहीं: टीडीबी प्रमुख
शोभना
- 10 Jul 2026, 07:45 PM
- Updated: 07:45 PM
तिरुवनंतपुरम, 10 जुलाई (भाषा) त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष के. जयकुमार ने शुक्रवार को कहा कि अब कोई नया अयप्पा संगमम आयोजित नहीं किया जाएगा क्योंकि भगवान अयप्पा को किसी प्रचार की आवश्यकता नहीं है।
टीडीबी अध्यक्ष की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पिछले बोर्ड द्वारा तत्कालीन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के समर्थन से ग्लोबल अयप्पा संगमम आयोजित करने के फैसले को लेकर केरल में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।
जयकुमार ने आगामी मंडला-मकरविलक्कु तीर्थयात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई बोर्ड की विशेष बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ''कोई नया अयप्पा संगमम नहीं होगा। भगवान अयप्पा को प्रचार की जरूरत नहीं है।''
ग्लोबल अयप्पा संगमम को लेकर वित्तीय विवाद पर उन्होंने कहा कि बोर्ड के लेखा परीक्षक ने ऊरालुंगल लेबर कॉन्ट्रैक्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के उस दावे को स्वीकार नहीं किया है, जिसमें कहा गया था कि आयोजन के लिए छह करोड़ रुपये अब भी बकाया हैं।
उन्होंने कहा कि बोर्ड को जो धनराशि प्राप्त हुई थी, उसका भुगतान पहले ही सोसाइटी को कर दिया गया है और शेष मुद्दों का अलग से निपटारा किया जाएगा।
टीडीबी ने वार्षिक तीर्थयात्रा को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई सुधारों की भी घोषणा की। जयकुमार ने कहा कि इस तीर्थयात्रा सत्र से पूरी व्यवस्था का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सन्निधानम में उपलब्ध 690 कमरों में से 550 कमरे अब ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि पहले यह संख्या 190 थी।
उन्होंने कहा कि हाउसकीपिंग सेवाओं को आउटसोर्स किया जाएगा तथा आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद शबरि गेस्ट हाउस के निकट 60 अतिरिक्त कमरों वाला नया अतिथि गृह बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सन्निधानम (मंदिर परिसर) में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित भीड़ प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी, जबकि स्वच्छता संबंधी कार्य 'क्लीन केरल कंपनी' के माध्यम से कराए जाएंगे।
जयकुमार ने यह भी कहा कि अन्नदान (निःशुल्क भोजन) के लिए व्यक्तिगत प्रायोजन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, हालांकि संस्थागत प्रायोजन पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछली तीर्थयात्रा के दौरान जिन श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी, उनके परिवारों को ऑनलाइन कतार बुकिंग से एकत्रित कल्याण कोष से एक-एक लाख रुपये की बीमा सहायता दी जाएगी।
भाषा अमित शोभना
शोभना
1007 1945 तिरुवनंतपुरम