शनिवार को बघेल के सामने लोगों की भावनाएं रखेंगे : चन्नी
अविनाश
- 10 Jul 2026, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
चंडीगढ़, 10 जुलाई (भाषा) कई दिनों से जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके करीबी माने जाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की ''भावनाओं'' से अवगत कराने के लिए पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे। चन्नी ने स्वयं यह घोषणा की।
सोमवार को पांच दिन के दौरे पर यहां पहुंचने के बाद, बघेल ने 2027 के चुनाव के मद्देनजर पार्टी के कई नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठकें की हैं। अब उन्होंने अपने दौरे की अवधि बढ़ा दी है।
चन्नी प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से ''नाराज़'' बताए जा रहे थे और उन्होंने बघेल से मुलाक़ात नहीं की थी।
कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पंजाब इकाई के अध्यक्ष बने रहेंगे। इसने चन्नी को प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
चन्नी ने एक पोस्ट में यह भी कहा कि वरिष्ठ नेता और पार्टी विधायक राणा गुरजीत सिंह यहां अपने आवास पर बैठक की मेजबानी करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, चन्नी और सुखजिंदर रंधावा के अलावा परगट सिंह तथा भारत भूषण आशु भी उन नेताओं में शामिल हो सकते हैं जो बघेल से मिलेंगे।
इसमें वडिंग का नाम शामिल नहीं है।
इसके अलावा, नेता प्रतिपक्ष एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा भी बैठक में शामिल होंगे। उन्हें राणा गुरजीत सिंह ने आमंत्रित किया है।
बघेल पहले ही राज्य के पार्टी नेतृत्व में किसी भी बदलाव की संभावना को खारिज कर चुके हैं।
इस बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री बूटा सिंह के परिवार ने शुक्रवार को मांग की कि जालंधर से सांसद चन्नी को अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए।
दिवंगत बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह और बेटी गुरकीरत कौर ने चन्नी से उनके आवास पर मुलाकात की तथा जालंधर के सांसद की मौजूदगी में मीडिया से बात की।
कौर ने कहा कि पिछले चुनाव में हमने मांग की थी कि मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार दलित समुदाय से हो।
उन्होंने कहा, ''अब भी हम राहुल गांधी जी और कांग्रेस से यही गुजारिश करना चाहते हैं कि हम चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। अगले साल होने वाला चुनाव उन्हीं की अगुवाई में लड़ा जाना चाहिए।''
कौर ने कहा, ''हम उन्हें पूरा समर्थन दे रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''यह हमारी और हमारे समुदाय की भावना है जिसे हम आपके साथ साझा कर रहे हैं।''
बूटा सिंह देश के गृह मंत्री रहे और पंजाब के बड़े दलित नेताओं में से एक थे।
वडिंग ने मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा कि बघेल ने उन्हें बताया है कि शनिवार को एक बैठक तय की गई है।
उन्होंने कहा कि बघेल संबंधित नेताओं से अलग-अलग बात करेंगे।
यह पूछे जाने पर कि जालंधर से मौजूदा सांसद और पंजाब में पार्टी की प्रचार समिति के अध्यक्ष चन्नी कब साथ में नज़र आएंगे, वडिंग ने कहा, ''एक-दो दिन में आप हम सभी को एक साथ देखेंगे।''
उन्होंने कहा कि वह किसी भी नेता से कोई नाराजगी नहीं रखते और कांग्रेस एकजुट है।
यह पूछे जाने पर कि चन्नी खेमा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के तौर पर उन्हें स्वीकार नहीं कर रहा है, वडिंग ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा, ''मुझे कोई एक ऐसा वरिष्ठ नेता बताइए जिसने कहा हो कि वह मुझे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। चन्नी, सुखजिंदर रंधावा, अरुणा चौधरी, प्रताप सिंह बाजवा - बताइए, इनमें से किस नेता ने ऐसा कहा है?''
कांग्रेस की पंजाब इकाई में नेतृत्व को लेकर जारी हलचल के बीच, चन्नी के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेताओं ने बृहस्पतिवार को अपना रुख नरम किया और बघेल से मिलने का फ़ैसला किया।
जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह ने कहा, ''हम बघेल से मिलेंगे और अपनी बात रखेंगे।''
भाषा नेत्रपाल अविनाश
अविनाश
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