मियाद पूरी कर चुके पुराने वाहनों के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए पोर्टल बनाया जाए: मुख्यमंत्री सैनी
संतोष
- 13 Jul 2026, 05:02 PM
- Updated: 05:02 PM
चंडीगढ़, 13 जुलाई (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि मियाद पूरी कर चुके पुराने वाहनों के पंजीकरण और वैज्ञानिक तरीके से उनके निस्तारण के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए, ताकि निस्तारण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के साथ पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
सैनी ने 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर रेजिलिएंट जॉब्स, अर्बन एयर क्वालिटी एंड नेक्स्ट जेनरेशन स्किल्स काउंसिल (एआरजुन एसपीवी)' की दूसरी बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि स्वच्छ हवा, हरित परिवहन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य को आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करना चाहिए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रस्तावित पोर्टल पर आम नागरिक अपने निजी वाहनों का पंजीकरण कर सकेंगे, जबकि सरकारी विभाग अपने पुराने और अनुपयोगी हो चुके आधिकारिक वाहनों को ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इससे वाहन 'स्क्रैपिंग' (पुराने वाहनों का निस्तारण) की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा सतत विकास के लिए स्वच्छ वायु परियोजना (एचसीएपीएसडी) के तहत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की भी समीक्षा की और विभागों को स्वच्छ वायु, इलेक्ट्रिक परिवहन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिये।
उन्होंने राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन लगाने के काम में तेजी लाने को कहा और हरियाणा की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत 100 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के विस्तार की भी समीक्षा की गई।
इसके तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से 200 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचे की योजना और सोनीपत में इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
बोर्ड ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित उपायों पर भी विचार-विमर्श किया। इनमें राज्य उत्सर्जन सूची तैयार करना, एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित करना, निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करना और विभागों के बीच डेटा साझा करने की व्यवस्था में सुधार शामिल हैं।
सैनी ने परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रभावी निगरानी, वित्तीय प्रबंधन, जन-जागरूकता और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
भाषा अमित संतोष
संतोष
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