राजस्थान में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की पंचायत स्तर पर हो निगरानी : राज्यपाल बागडे
बाकोलिया रवि कांत
- 13 Jul 2026, 08:14 PM
- Updated: 08:14 PM
जयपुर, 13 जुलाई (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को अधिकारियों को क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि टीबी के मरीजों पर केवल कागजों में नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
लोक भवन में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने जनभागीदारी बढ़ाकर राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने के प्रयास तेज करने पर बल दिया।
आधिकारिक बयान के अनुसार, बागडे ने कहा, ''प्रयास केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। प्रत्येक मरीज की वास्तविक रूप से देखभाल होनी चाहिए और टीबी का पूरी तरह उन्मूलन किया जाना चाहिए।''
उन्होंने मरीजों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे कराने तथा टीबी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने पर भी बल दिया।
राज्यपाल ने कहा, ''समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा टीबी से जुड़े भय और भेदभाव को समाप्त किया जाना चाहिए।''
उन्होंने ग्राम सेवकों को टीबी मुक्त गांव बनाने के लक्ष्य के प्रति जवाबदेह बनाने की आवश्यकता भी बताई।
उन्होंने मरीजों के समुचित उपचार और उपचार के बाद पोषण सहायता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया जाना चाहिए।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि वर्ष 2030 तक राजस्थान को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास जारी हैं।
खींवसर ने कहा, ''सभी विभागों की भागीदारी से लगातार और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। टीबी मुक्त अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों का लगभग 90 प्रतिशत हासिल किया जा चुका है।''
खींवसर ने बताया कि अभियान के तहत 11,000 से अधिक उच्च जोखिम वाले गांवों में सर्वेक्षण किया गया है तथा 9,700 से अधिक गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में देश में सर्वाधिक एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई है तथा राज्य की लगभग 95 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि टीबी के खिलाफ भारत के प्रयास वैश्विक स्तर पर एक आदर्श बनकर उभर रहे हैं और प्रत्येक मरीज को प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत
1307 2014 जयपुर