उत्तराखंड: चढ़ावे में अनियमितताओं की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति बदरीनाथ पहुंची
जितेंद्र
- 14 Jul 2026, 05:35 PM
- Updated: 05:35 PM
गोपेश्वर, 14 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के एक कर्मचारी की गिरफ्तारी के एक दिन बाद मंगलवार को मामले की जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने बदरीनाथ पहुंचकर जांच शुरू कर दी। मंदिर सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने बदरीनाथ पहुंचने के बाद मंदिर परिसर का निरीक्षण किया।
समिति ने इसके बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की और मंदिर समिति के पदाधिकारियों से बातचीत की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आठ जुलाई को गठित इस समिति को मंदिर में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करने के साथ-साथ मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार संबंधी सिफारिशें देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
स्वरूप के अलावा समिति में गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य हैं।
इससे पहले, बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के मामले में बीकेटीसी के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया जा चुका है।
नौटियाल, निलंबन से पहले बीकेटीसी अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के रूप में तैनात था।
कथित चोरी के साक्ष्य मिलने के बाद चमोली थाना पुलिस ने उसे रविवार रात गिरफ्तार किया।
मंदिर समिति ने दो जुलाई को सोशल मीडिया पर आरोप सामने आने के बाद चार सदस्यीय आंतरिक जांच समिति गठित की थी।
समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि होने पर सात जुलाई को नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था।
मंदिर समिति ने बदरीनाथ थाने में शिकायत दी थी, जिसके आधार पर नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 306 (कर्मचारी द्वारा नियोक्ता की संपत्ति की चोरी) और धारा 316(5) (न्यासी द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
चमोली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुरजीत सिंह पंवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। पंवार ने बताया कि एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, वादी और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा दो जुलाई की सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि फुटेज में नौटियाल गणना कक्ष से कई बार धनराशि और अन्य भेंट सामग्री अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तथा जेब में रखकर कथित तौर पर बाहर ले जाता दिखाई दिया।
अधिकारी ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग समय पर 500 रुपये के नोट, सोने और चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला तथा केसर के पैकेट भी कथित तौर पर चोरी किए।
भाषा सं दीप्ति जितेंद्र
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