महादेव सट्टा ऐप धनशोधन मामला: ईडी ने ईबिक्स के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया
अविनाश
- 14 Jul 2026, 08:59 PM
- Updated: 08:59 PM
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन सट्टा एप्लिकेशन से जुड़े करोड़ों रुपये के धनशोधन मामले में ईबिक्स समूह के चेयरमैन विकास गर्ग को मंगलवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गर्ग (53) के दिल्ली स्थित ठिकानों की तलाशी के बाद उन्हें धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें दिल्ली की एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसने केंद्रीय एजेंसी को उन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर ले जाने के लिए 24 घंटे की हिरासत दी, जहां मामले की जांच चल रही है।
उन्होंने बताया कि ईबिक्स समूह के अलावा, गर्ग शेयर बाजार में सूचीबद्ध तीन कंपनियों विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेस लिमिटेड के प्रवर्तक हैं। ईडी के मुताबिक उन्होंने कथित तौर पर गैर-कानूनी सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल करके एराया लाइफस्पेस के जरिए ईबिक्सकैश में 64 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी।
पिछले हफ्ते केंद्रीय एजेंसी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि उसने जांच के तहत गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी संस्थाओं की 940.77 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है।
ईडी ने बताया, ''कुर्की की कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बुक/स्काईएक्सचेंज ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में धनशोधन जांच का हिस्सा है।''
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि महादेव सट्टा ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता और नौकरशाह संलिप्त हैं और इस मामले में अपराध से हुई कमाई 6,000 करोड़ रुपये है।
ईडी का आरोप है कि 'महादेव ऑनलाइन बुक' और 'स्काईएक्सचेंज' (दुबई स्थित एक्सचेंज) के गैर-कानूनी सट्टेबाजी कारोबार से कमाए गए पैसे को 'हवाला' के जरिये कई स्तरों वाले ढांचे के जरिए ठिकाने लगाया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि सट्टेबाजी कारोबार से हुई 940.77 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को इसी तरह से उन कंपनियों में भेजा गया, जिनकी मिल्कियत और 'नियंत्रण' गर्ग के पास थी।
ईडी का आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल शेयर, प्रतिभूति और दूसरी संपत्तियां खरीदने के लिए किया गया था।
यह इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी है। रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में अब तक दाखिल पांच आरोप पत्र में 74 लोगों/संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।
एजेंसी ने इस मामले में नामजद अन्य लोगों, जैसे अनिल अग्रवाल (उर्फ अतुल) और शुभम सोनी को 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित कराने के लिए अदालत का रुख किया है।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
1407 2059 दिल्ली