ओडिशा में 32,067 करोड़ रुपये की ग्रामीण सड़क एवं पुल परियोजनाओं को मंजूरी
दिलीप
- 14 Jul 2026, 10:34 PM
- Updated: 10:34 PM
भुवनेश्वर, 14 जुलाई (भाषा) ओडिशा सरकार ने 32,067 करोड़ रुपये की लागत वाली ग्रामीण सड़क और पुल परियोजनाओं को मंगलवार को मंजूरी दे दी। साथ ही, ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आधारभूत ढांचे से जुड़ी सात योजनाओं की अवधि अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, ये निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए, जिसमें सात विभागों के 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें ग्रामीण विकास विभाग के सात प्रस्ताव शामिल हैं।
बैठक के बाद मुख्य सचिव अनु गर्ग ने संवाददाताओं को बताया कि मंत्रिमंडल ने ग्रामीण विकास विभाग की सात मौजूदा योजनाओं की अवधि वर्ष 2030-31 तक बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने 11,800 करोड़ रुपये की लागत से 'सेतु बंधन योजना' (एसबीवाई) के विस्तार को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 1,750 नए पुल बनाए जाएंगे और 1,417 निर्माणाधीन पुल परियोजनाएं पूरी की जाएंगी।
वर्ष 2011-12 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण विकास विभाग के अधीन सड़कों पर अधूरे संपर्क मार्गों को जोड़ना है।
सरकार ने 'मुख्यमंत्री सड़क योजना (एमएमएसवाई)-ट्रांसफर्ड रोड्स इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम (टीआरआईपी)' की अवधि भी वर्ष 2029-30 तक बढ़ा दी है। इसके लिए 6,700 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनसे 25,500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा और निर्माणाधीन परियोजनाएं पूरी की जाएंगी।
इसी प्रकार 'मुख्यमंत्री सड़क योजना' की अवधि वर्ष 2030-31 तक बढ़ा दी गई है। इसके लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 4,607.21 किलोमीटर लंबी नयी सड़कों का निर्माण तथा 115 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सड़क परियोजनाएं पूरी की जाएंगी।
मंत्रिमंडल ने 'एमएमएसवाई-इम्प्रूवमेंट टू एग्जिस्टिंग आरडी रोड्स' योजना को भी वर्ष 2029-30 तक जारी रखने को मंजूरी दी है। इस पर 5,750 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। गर्ग ने बताया कि इस योजना के तहत अस्पतालों, स्कूलों, महाविद्यालयों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ने वाली 17,500 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
सरकार ने 'एमएमएसवाई-कनेक्टिंग मिसिंग रोड लिंक्स' योजना का भी विस्तार किया है। इसके लिए 1,917 करोड़ रुपये की लागत से 3,850 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी।
इसके अलावा 'एमएमएसवाई-कठिन क्षेत्रों के असंबद्ध गांवों को जोड़ने' की योजना को 1,300 करोड़ रुपये तथा 'ब्रिज-कम-वेयर' योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए 600 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ जारी रखने को मंजूरी दी गई है।
आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के अलावा मंत्रिमंडल ने ओडिशा कृषि उपज मंडी अधिनियम, 1956 को निरस्त करने को भी मंजूरी दी, जिससे राज्य में नए कृषि विपणन कानून का मार्ग प्रशस्त होगा।
मंत्रिमंडल ने राज्य कृषि नीति के तहत दी जाने वाली सब्सिडी को भी अगले पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) तक जारी रखने की मंजूरी दी। इस योजना के लिए 2,496.40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
गर्ग ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के सभी 30 जिलों में 8,500 वाणिज्यिक कृषि उद्यम परियोजनाओं को सहायता प्रदान करना है।
इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल ने 'पार्वती गिरी मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना' के तहत 130 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली एक परियोजना को भी मंजूरी दी, जिसके तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।
भाषा रवि कांत दिलीप
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