नीट-यूजी का परिणाम घोषित, पंजाब के आर्यन और हरियाणा के पांशुल ने सर्वोच्च स्थान हासिल किया
संतोष
- 17 Jul 2026, 12:29 AM
- Updated: 12:29 AM
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी)-2026 के परिणाम घोषित किए, जिसमें पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने शीर्ष स्थान (दोनों के 715 अंक ) हासिल किया जबकि कुल 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल (अर्ह) घोषित किए गए।
अर्हता प्राप्त करने वाले अथ्यर्थियों में 58 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं।
एनटीए के अनुसार, जहां गुप्ता और बंसल ने 720 में से 715-715 अंक हासिल किए, वहीं 19 अभ्यर्थियों ने 700 अंक और 138 अभ्यर्थियों ने 690 अंक प्राप्त किए। इसके अलावा कुल 1,492 अभ्यर्थियों ने 650 या उससे अधिक अंक अर्जित किए, जबकि 10,160 अभ्यर्थियों ने 600 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नौ मई को आयोजित यह परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बीच 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा रद्द कर दी गई थी। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है।
परीक्षा का दोबारा आयोजन 21 जून को किया गया था।
पिछले वर्ष परीक्षा के परिणाम 25 जून को घोषित किए गए थे। दोबारा परीक्षा के कारण प्रवेश प्रक्रिया के कार्यक्रम में देरी की आशंकाओं को दूर करते हुए एनटीए ने स्पष्ट किया कि परिणाम समय पर घोषित किए गए हैं, ताकि अभ्यर्थियों के लिए चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश और काउंसिलिंग का कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार जारी रह सके।
एनटीए ने कहा, ''प्रक्रिया में बदलाव करके परिणाम समय पर घोषित किए गए। इसके तहत विभिन्न चरणों को एक के बाद एक पूरा करने के बजाय समानांतर रूप से संचालित किया गया। साथ ही, ओएमआर शीट से संबंधित आपत्तियों की प्रक्रिया को उत्तर कुंजी जारी करने की प्रक्रिया से अलग रखा गया। प्रत्येक चरण को पूरी तरह पूरा किया गया और अभ्यर्थियों के देखने के लिए उपलब्ध कराया गया।"
एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए कुल 1,08,000 सीट उपलब्ध हैं। इनमें से लगभग 56,000 सीट सरकारी कॉलेजों में हैं और करीब 52,000 सीट निजी कॉलेजों में हैं।
पिछले वर्ष अनुग्रह अंक को लेकर विवाद के बीच 17 अभ्यर्थियों ने 720 में से 720 अंक हासिल किए थे। बाद में उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर एक विवादित सवाल में बदलाव के बाद, शीर्ष अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कम हो गई।
इस वर्ष 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल हुए, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 12.36 लाख थी। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी 22.09 लाख से घटकर करीब 20 लाख रह गई। परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजित किए जाने के बावजूद कुल सफलता दर (अर्हता प्राप्त करने की दर) लगभग 56 प्रतिशत पर स्थिर रही।
नीट-यूजी देश की सबसे बड़ी स्नातक प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसमें हर वर्ष करीब 25 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं।
इस वर्ष भी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 1.70 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी नीट-यूजी परीक्षा में सफल हुए, जबकि लक्षद्वीप के 43 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सफलता हासिल की।
परीक्षा में 720 में से 705 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले शीर्ष 17 अभ्यर्थी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्यों से हैं।
राज्य स्तर पर सर्वोच्च अंक लाने वाले 17 अभ्यर्थियों ने 700 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि ऐसे 26 अभ्यर्थियों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए। 303 दिव्यांग अभ्यर्थियों ने भी सफलता हासिल की है।
भाषा प्रचेता संतोष
संतोष
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