राजग के मंत्रियों ने मानसून सत्र में विधेयक पारित कराने की सरकार की प्राथमिकता पर चर्चा की: सूत्र
माधव
- 17 Jul 2026, 06:28 PM
- Updated: 06:28 PM
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) संसद के मानसून सत्र से पहले शुक्रवार को यहां कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मंत्रियों के समूह की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेता शामिल हुए।
सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों और राजग के सहयोगी दलों के नेताओं ललन सिंह (जनता दल यूनाइटेड), जयंत चौधरी (राष्ट्रीय लोक दल) और के राममोहन नायडू (तेलेगु देशम पार्टी) ने भी हिस्सा लिया। बैठक में 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद सत्र के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन की रणनीति पर चर्चा की गई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी मौजूद थीं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में आगामी सत्र के लिए सरकार के कामकाज और इस सत्र के दौरान दो अध्यादेशों को कानून में बदलने की सरकार की "प्राथमिकता" पर चर्चा हुई।
सरकार आगामी मानसून सत्र में आयकर (संशोधन) विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। यह विधेयक उस अध्यादेश की जगह लेगा, जिसके तहत विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर आयकर से छूट दी गई थी।
पश्चिम एशिया संकट के कारण रुपये पर बढ़ते दबाव को कम करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए पिछले महीने यह अध्यादेश जारी किया गया था। आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 की जगह लेगा।
सरकार आगामी सत्र में विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर आयकर छूट देने वाले अध्यादेश को कानून बनाने के लिए आयकर (संशोधन) विधेयक पेश करने की भी योजना बना रही है।
पश्चिम एशिया संकट के कारण कमजोर हो रहे रुपये पर दबाव कम करने और विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए पिछले महीने यह अध्यादेश जारी किया गया था।
आगामी सत्र में सरकार संसद में पारित कराने के लिए महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन और परिसीमन विधेयक भी ला सकती है। राजग के सूत्रों ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को छोड़कर अन्य विपक्षी दलों के समर्थन से जरूरी दो-तिहाई बहुमत मिलने का भरोसा जताया है।
सरकार सभी राज्यों के लिए लोकसभा सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के कई विकल्पों पर काम कर रही है, ताकि दक्षिणी राज्यों की चिंताओं को दूर किया जा सके। इसके साथ ही वह महिला आरक्षण कानून से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के नए मसौदे को लागू करने की तैयारी कर रही है।
यह मसौदा दक्षिणी राज्यों की उन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है, जिनके अनुसार जनसंख्या के आधार पर परिसीमन करने से लोकसभा में उनका राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है।
पहला विधेयक 17 अप्रैल को लोकसभा में पारित नहीं हो सका था, क्योंकि सरकार इसे पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई थी।
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पहले राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है। इसे पेश करने, चर्चा और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को वही कानूनी सुरक्षा देना है, जो राष्ट्रगान 'जन गण मन' को मिली हुई है।
बीस जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोल सकता है, जिनमें नीट प्रश्नपत्र लीक, पश्चिम एशिया संघर्ष में भारतीय नाविकों की मौत और पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
विपक्ष अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को भी उठाएगा।
पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कमजोर हुए विपक्ष और तमिलनाडु में कांग्रेस के टीवीके सरकार को समर्थन देने के बाद कांग्रेस और द्रमुक के बीच मतभेद से संसद के इस सत्र में सत्तारूढ़ गठबंधन का मनोबल बढ़ सकता है।
भाषा जोहेब माधव
माधव
1707 1828 दिल्ली