दिल्ली विश्वविद्यालय ने डूसू चुनाव में छात्र संगठनों को नियमों का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी
पवनेश
- 17 Jul 2026, 07:50 PM
- Updated: 07:50 PM
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के 'प्रॉक्टर' ने सितंबर में होने वाले 2026 के दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनावों से पहले, डूसू के पदाधिकारियों और अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी है।
यह परामर्श बृहस्पतिवार को डीयू के प्रॉक्टर मनोज कुमार सिंह, उनकी टीम, डूसू के पदाधिकारियों और अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान जारी किया गया। बैठक में, चुनाव प्रक्रिया और दिल्ली उच्च न्यायालय के दिशानिर्देश तथा लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पालन करने पर चर्चा की गई।
शुक्रवार को जारी किये गए प्रॉक्टर के हस्ताक्षर वाले परामर्श के अनुसार, ''चर्चा हुई और यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि विश्वविद्यालय परिसर और उसके आस-पास सार्वजनिक संपत्ति को विरुपित नहीं किया जाए और खंभों पर कोई भी बिलबोर्ड (मुद्रित और डिजिटल) या बैनर नहीं लगाए जाएं।''
सिर्फ हाथ से बने पोस्टर ही निर्धारित ''वॉल ऑफ डेमोक्रेसी'' पर लगाने की इजाजत होगी। डीयू ने दीवारों पर 'ब्लॉक प्रिंटिंग' या 'स्प्रे पेंटिंग' पर भी रोक लगा दी है और कहा है कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के विज्ञापन बोर्ड पर 'फ्लेक्स पोस्टर' नहीं लगाए जाएं।
प्रॉक्टर ने कहा कि अगर अधिकारी नियमों का ऐसा कोई उल्लंघन पाते हैं, तो विश्वविद्यालय एमसीडी आयुक्त को इसकी जानकारी देगा।
सिंह ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''छात्र संघ चुनाव अकादमिक सत्र शुरू होने के छह से आठ हफ्ते के अंदर होने हैं। चूंकि पठन-पाठन 28 जुलाई से शुरू होना है, इसलिए उम्मीद है कि चुनाव सितंबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में होंगे।''
सिंह ने कहा, ''हम चाहते हैं कि चुनाव बिना किसी व्यवधान के सुगमता से हों, इसलिए हमने पहले से ही जागरूकता फैलाना शुरू कर दिया है।''
विश्वविद्यालय ने गाड़ियों -- जैसे कार, जीप, बस, ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा -- पर उम्मीदवारों के अपने नाम वाले स्टिकर चिपकाने पर भी रोक लगा दी है।
डीयू ने कहा है कि हर उम्मीदवार को चुनाव प्रचार के लिए केवल पांच गाड़ियां इस्तेमाल करने की इजाजत होगी, जबकि ट्रैक्टर, जेसीबी मशीन या जानवरों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
काले शीशे या छिपे हुए पंजीकरण नंबर वाली गाड़ियों पर भी रोक रहेगी, और परिसर में बिना इजाजत गाड़ियों की मौजूदगी का यातायात पुलिस के नियमों के अनुसार चालान काटा जा सकता है या उन्हें वहां से हटाया जा सकता है।
डीयू ने कहा कि उम्मीदवारों को अपने नाम वाले तोहफे बांटने की इजाजत नहीं होगी। उम्मीदवारों के नाम वाले छाते या इसी तरह की प्रचार सामग्री के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जा सकता है।
चुनाव प्रचार के नियमों के तहत, किसी उम्मीदवार की टीम से सिर्फ पांच छात्रों को ही प्रचार के लिए कॉलेज के अंदर जाने की इजाजत होगी, जबकि महिला कॉलेज छात्रावास में सिर्फ छात्राओं को ही जाने की अनुमति होगी।
भाषा सुभाष पवनेश
पवनेश
1707 1950 दिल्ली