उत्तराखंड: धामी ने ऋषिकेश-भानियावाला चार लेन परियोजना के लिए हो रही वृक्षों की कटाई को स्थगित किया
जितेंद्र
- 18 Jul 2026, 04:32 PM
- Updated: 04:32 PM
देहरादून, 18 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास के साथ-साथ जनभावनाओं और पर्यावरण संरक्षण को भी समान रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए शनिवार को ऋषिकेश-भानियावाला चार लेन परियोजना के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि विकास आवश्यक है लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा विशेषज्ञों से दोबारा विस्तृत संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति और विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के तहत आने वाले पेड़ों की कटाई स्थगित रहेगी।''
राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के संवेदनशील हाथी गलियारे से गुजरने वाली करीब 20 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-भानियावाला परियोजना के चौड़ीकरण के लिए लगभग 3,000 पेड़ काटे जाने का प्रस्ताव है।
इस परियोजना के विरोध में पिछले कई दिनों से सात मोड़ क्षेत्र में पर्यावरणविद, स्थानीय नागरिक, छात्र और अन्य लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शन के बीच पुलिस बल की मौजूदगी में पेड़ों की कटाई का काम किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों की ओर से व्यक्त की जा रही चिंताओं व सुझावों का उन्होंने गंभीरता से संज्ञान लिया है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक व पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबे अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष 'कल्वर्ट' का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत की घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।
धामी ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों और निर्णय का पूरा सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति और विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक परियोजना के तहत आने वाले पेड़ों की कटाई स्थगित रहेगी।
धामी ने कहा, ''मेरे लिए उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएं और प्रदेश का विकास तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हमारी सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी।''
भाषा दीप्ति जितेंद्र
जितेंद्र
1807 1632 देहरादून