कॉजपा ने बर्गर वीडियो को लेकर प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटाया
दिलीप
- 21 Jul 2026, 06:55 PM
- Updated: 06:55 PM
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को मंगलवार को पद से हटा दिया। कॉजपा ने यह कार्रवाई उस वीडियो के सामने आने के बाद की, जिसमें उसके 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच वह बर्गर खाते हुए देखे गए थे।
कॉजपा ने एक बयान में कहा कि दहिया का आचरण आंदोलन के मूल्यों के अनुरूप नहीं था।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए दहिया ने कहा कि लोगों ने यह नहीं देखा कि वह भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों की तरह दो रातों से सोए नहीं थे। उन्होंने कहा, ''आप मुझे ऐसे जवाबदेह ठहरा रहे हैं जैसे प्रदर्शनकारी होना मेरा काम है।''
कॉजपा ने दहिया की ''बेहद असंवेदनशील कृत्यों'' की निंदा की।
कॉजपा ने बयान में कहा, ''हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के बेहद असंवेदनशील कृत्यों की कड़ी निंदा करते हैं। उनके वीडियो उस समय सामने आए, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस की बर्बर कार्रवाई का सामना कर रही थी। ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है, यह पूरी तरह से गलत निर्णय को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल्यों एवं सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत है।''
बयान में कहा गया, ''हम विजेता दहिया को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा रहे हैं और उन्हें सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर रहे हैं।''
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर सामने आये एक वीडियो में दहिया जंतर-मंतर के पास एक फास्ट-फूड दुकान में देखे गए। उसी समय पुलिस संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर रही थी। वीडियो में एक व्यक्ति दहिया से यह सवाल करते हुए भी दिखा कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ रहने के बजाय रेस्तरां पर क्यों मौजूद हैं।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए दहिया ने खुद का बर्गर खाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया और विवाद को खारिज किया। उन्होंने कहा, ''मैंने बर्गर क्यों खाया? आज यह बड़ा मुद्दा बन गया है। कोई बर्गर क्यों खाता है? वह भूखा है। वह बर्गर खाना चाहता है। बस इतनी सी बात है। मैं भी बहुत भूखा था। और जब आप कुछ अच्छा खाते हैं, तो आपका मन अच्छा महसूस करता है।''
उन्होंने कहा कि लोग प्रदर्शन से जुड़े लोगों द्वारा किए गए कामों को नजरअंदाज कर रहे हैं। दहिया ने कहा, ''लोग यह नहीं देखते कि मैं भी उन लोगों की तरह दो रातों से सोया नहीं हूं जो प्रदर्शन स्थल पर हैं। आप मुझे ऐसे जवाबदेह ठहरा रहे हैं, जैसे प्रदर्शनकारी होना मेरा काम है। आपने मुझे इस पद पर नहीं चुना है।''
यह विवाद पुलिस द्वारा सोमवार को कॉजपा के 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के एक दिन बाद सामने आया। यह मार्च प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
भाषा अमित दिलीप
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