छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने, विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहने के लिए प्रेरित करें: एआईयू
पवनेश
- 22 Jul 2026, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
नयी दिल्ली, 22 जुलाई (भाषा) भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों (एचईआई) से छात्रों को परामर्श प्रदान करने और उन्हें हालिया परीक्षा विवादों को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में भाग लेने से हतोत्साहित करने को कहा है, ताकि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रख सकें।
एआईयू ने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले आंदोलनों का छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर ''गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।''
सदस्य संस्थानों के कुलपतियों और निदेशकों को लिखे पत्र में एआईयू के अध्यक्ष विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालयों से छात्रों के साथ "संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ संवाद" करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने और विरोध-प्रदर्शनों के आह्वान से अपनी ऊर्जा भटकने नहीं देने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
''छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की जारी प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील करें" शीर्षक वाले इस पत्र में स्वीकार किया गया है कि छात्रों की चिंताएं महत्वपूर्ण हैं और उन्हें सहानुभूति एवं सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए।
हालांकि, एआईयू का कहना था कि लंबे समय तक चलने वाले आंदोलन "सबसे अधिक कीमत स्वयं छात्रों से ही वसूलते हैं", क्योंकि इससे पढ़ाई बाधित होती है, परीक्षा की तैयारी प्रभावित होती है और अनावश्यक तनाव बढ़ता है।
यह परामर्श ऐसे समय जारी किया गया है जब राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 के प्रश्नपत्र लीक के विरोध में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार, सार्वजनिक परीक्षाओं में अधिक जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "हाल में कुछ राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के आयोजन को लेकर उठी चिंताओं के मद्देनजर कई परिसरों में कुछ छात्र कक्षाओं से दूर रहकर विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में भाग ले रहे हैं, जिसकी भारी कीमत उनकी पढ़ाई को चुकानी पड़ रही है। यह नुकसान और भी अनावश्यक है, क्योंकि सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और हाल में नीट परीक्षा का पारदर्शी तथा त्रुटिरहित तरीके से सफल आयोजन भी कर चुकी है।"
उन्होंने कहा, "इसलिए मैं आपसे गंभीरतापूर्वक आग्रह करता हूं कि आप धैर्य, संवेदनशीलता और उनके भविष्य की चिंता के साथ छात्रों को परामर्श प्रदान करें तथा उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखने और विरोध-प्रदर्शनों के आह्वान से अपनी ऊर्जा भटकने नहीं देने के लिए प्रेरित करें।"
एआईयू ने विश्वविद्यालय समुदाय को यह भरोसा भी दिलाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और उसमें सुधार लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा छात्रों को अफवाहों और अटकलों से चिंतित होने के बजाय इस आश्वासन से विश्वास प्राप्त करना चाहिए।
पत्र में कहा गया, "प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) स्वयं छात्रों से अपील कर चुके हैं और उन्होंने देश को आश्वस्त किया है कि भविष्य की सभी परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित ढंग से आयोजित हों, इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। हमारे छात्रों को अफवाहों और अटकलों से चिंतित होने के बजाय इस आश्वासन से विश्वास हासिल करना चाहिए।"
एआईयू अध्यक्ष ने कहा, "मैं सभी सदस्य विश्वविद्यालयों से आग्रह करता हूं कि वे छात्रों के साथ संवाद करें तथा सहानुभूति के साथ उनका मार्गदर्शन और परामर्श करें। मुझे विश्वास है कि आपके व्यक्तिगत ध्यान और संवेदनशील नेतृत्व से हमारे परिसर शांत और अध्ययन-केंद्रित बने रहेंगे तथा हमारे छात्र अपनी पूरी ऊर्जा पढ़ाई और राष्ट्र निर्माण में लगाएंगे।"
भाषा अमित पवनेश
पवनेश
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