शाह ने बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली, अंतर-मंत्रालयी दल असम आएगा : मुख्यमंत्री
सिम्मी
- 23 Jul 2026, 01:29 PM
- Updated: 01:29 PM
गुवाहाटी, 23 जुलाई (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली।
शर्मा ने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल जल्द ही राज्य का दौरा करेगा।
इस वर्ष बाढ़ से अब तक कम से कम 41 लोगों की मौत हो चुकी है और 6.50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''कुछ देर पहले मुझे गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया। असम में बाढ़ की अप्रत्याशित स्थिति को देखते हुए उन्होंने मुझे बताया कि नुकसान का आकलन करने और प्रभावित लोगों की आजीविका के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक केंद्रीय सहायता तय करने में मदद के वास्ते एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल जल्द ही राज्य का दौरा करेगा।''
उन्होंने इस मुश्किल समय में असम के लोगों के साथ खड़े रहने के लिए शाह का आभार जताया।
शर्मा ने बाद में गोलाघाट जिले के कोमरबोंधा में राहत शिविर का निरीक्षण करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "अमित शाह ने आज मुझे फोन किया और स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों वाली केंद्रीय टीम आज या कल राज्य का दौरा करेगी।"
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खेत डूब गए हैं, महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए हैं और पशु बह गए हैं।
शर्मा ने कहा, "लोग मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं और सरकार उनकी हर संभव मदद करने की कोशिश करेगी।"
उन्होंने सबसे अधिक प्रभावित पूर्वी जिलों का लगातार दूसरे दिन दौरा किया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा, "असम में बाढ़ से हुई तबाही का पैमाना अकल्पनीय है। इस आपदा से 25 जिलों के 1,800 से अधिक गांवों में नौ लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। अब तक 41 लोगों की जान चली गई हैं और हजारों पशु बह गए हैं।"
उन्होंने कहा कि "ऊपरी इलाकों में बादल फटने की घटनाओं और स्थानीय स्तर पर सामान्य से 436 प्रतिशत अधिक हुई भारी बारिश के कारण उन गांवों में भी बाढ़ आ गई है, जहां हाल के वर्षों में इतनी बड़ी तबाही नहीं देखी गई थी।"
शर्मा ने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए "पूरी सरकार के संयुक्त प्रयास" के तहत पूरी ताकत से कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) से लेकर राज्य प्रशासन तक सभी एजेंसियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और हवाई मार्गों तथा नावों के माध्यम से बचाव एवं निकासी अभियान चला रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 148 से अधिक राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां वर्तमान में करीब 30,000 लोग शरण लिए हुए हैं।
उन्होंने कहा, "हमारी टीम अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का पानी और अन्य जरूरी सामान पहुंचा रही हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में ही तीन लाख किलोग्राम से अधिक चावल और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहले ही पहुंचाई जा चुकी है तथा और सामग्री भेजी जा रही है।"
शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए व्यापक दीर्घकालिक पुनर्वास पैकेज तैयार करने के लिए विभिन्न विभागों और केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।
भाषा तान्या सिम्मी
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