हनीमून हत्याकांड: सोनम की जमानत रद्द होने पर राजा के परिजन बोले,'न्याय की नयी उम्मीद जगी'
संतोष
- 23 Jul 2026, 03:03 PM
- Updated: 03:03 PM
इंदौर (मध्यप्रदेश), 23 जुलाई (भाषा) मेघालय में वर्ष 2025 में हनीमून के दौरान इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी और उनकी विधवा सोनम रघुवंशी की जमानत बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के फैसले का राजा के परिजनों ने स्वागत किया।
उनका कहना है कि शीर्ष अदालत के इस आदेश से उनके मन में न्याय मिलने की नयी उम्मीद जगी है।
उच्चतम न्यायालय ने मेघालय सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए सोनम की जमानत रद्द कर दी और उसे तीन सप्ताह के भीतर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
राजा के पिता अशोक रघुवंशी शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद भावुक हो गए। उन्होंने रुंधे गले से 'पीटीआई-भाषा' से कहा,"लंबे समय बाद हमें आज थोड़ी खुशी मिली है।"
उन्होंने कहा,"राजा की मौत को एक साल से ज्यादा वक्त हो गया है। मैं आज भी अपने बेटे की तस्वीर देखकर रोता हूं। सोनम को फांसी की सजा होनी चाहिए।"
रघुवंशी ने कहा कि केवल माता-पिता जानते हैं कि संतान को बड़ा करने में कितनी मेहनत और समय लगता है।
उन्होंने कहा,"उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश से हमारे मन में नयी उम्मीद जगी है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा।"
रघुवंशी ने यह भी कहा कि राजा की हत्या के बाद से सोनम के परिवार ने उनके परिवार से कोई संपर्क नहीं किया है और न ही उनका परिवार अब उनसे कोई बातचीत करना चाहता है।
राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा,''मैं उच्चतम न्यायालय का धन्यवाद करना चाहती हूं। मुझे आज अंतर्मन से बहुत अच्छा लग रहा है क्योंकि सोनम जैसी महिला को जेल के बाहर होना ही नहीं चाहिए।"
उन्होंने कहा कि सोनम के जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद उनके परिवार को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता थी।
उमा ने कहा,"मेरे बेकसूर बेटे को बेरहमी से जान से मार दिया गया था। मुझे भरोसा है कि एक मां की आस नहीं टूटेगी और सोनम को अदालत से कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।"
राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने भी सोनम की जमानत रद्द किए जाने के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा,"सत्य की विजय और असत्य की पराजय हुई है। हमें कई दिनों से डर सता रहा था कि सोनम जमानत पर बाहर रहने के दौरान सबूतों को नष्ट कर सकती थी।"
विपिन ने कहा कि उनका परिवार चाहता है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड के मुकदमे की सुनवाई 'फास्ट ट्रैक' अदालत में जल्द से जल्द पूरी हो।
अधिकारियों के मुताबिक, अपने पति राजा की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में सोनम को नौ जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था।
वह जमानत पर रिहा होने से पहले शिलांग के जिला कारागार में 10 महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रही थी।
राजा और सोनम पिछले वर्ष हनीमून के दौरान मेघालय में लापता हो गए थे। बाद में ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में एक झरने के पास गहरी खाई से राजा का शव बरामद हुआ था।
मेघालय पुलिस का आरोप है कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और भाड़े के तीन हत्यारों के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची और इसे अंजाम दिलवाया ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके।
भाषा हर्ष संतोष
संतोष
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