हरजिंदर को रजत, भारत ने भारोत्तोलन में सातवां पदक जीता
आनन्द
- 29 Jul 2026, 02:10 AM
- Updated: 02:10 AM
(अपराजिता उपाध्याय)
ग्लास्गो, 28 जुलाई (भाषा) भारत की हरजिंदर कौर ने मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारोत्तोलन के महिलाओं के 69 किग्रा वजन वर्ग में रजत पदक जीता। इस दौरान उन्होंने स्नैच और क्लीन एवं जर्क दोनों में खेलों के रिकॉर्ड भी तोड़े।
भारत की 29 वर्षीय हरजिंदर ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 71 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था। इस बार उन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए भारोत्तोलन में भारत के लिए मौजूदा खेलों का सातवां पदक हासिल किया।
हरजिंदर ने स्पर्धा के दौरान तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जो पिछले चार साल में उनकी प्रगति को दर्शाता है।
पंजाब के नाभा की रहने वाली पांच फीट तीन इंच की हरजिंदर ने स्नैच में दो बार राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बेहतर किया। उन्होंने पहले 99 किग्रा वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया और फिर अंतिम प्रयास में 101 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।
इसके बाद क्लीन एवं जर्क में भी उन्होंने रिकॉर्ड प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने पहले 123 किग्रा और फिर 126 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया जिससे उनका कुल वजन 227 किग्रा रहा।
हालांकि उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद कनाडा की चार्लोट सिमोनो ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
सिमोनो ने तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 132 किग्रा वजन उठाकर कुल 240 किग्रा का नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाया। वह हरजिंदर से 13 किग्रा आगे रहीं।
हरजिंदर के रजत पदक के साथ भारोत्तोलन में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। दबाव के बीच लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की हरजिंदर की क्षमता ने बर्मिंघम खेलों के बाद उनके खेल में आए सुधार को भी दर्शाया।
भारतीय भारोत्तोलकों ने अब तक राष्ट्रमंडल खेलों में एक स्वर्ण, पांच रजत और एक कांस्य सहित कुल सात पदक जीतकर इस प्रतियोगिता में अपनी बढ़ती मजबूती और निरंतरता का परिचय दिया है।
इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण कर रहीं भारत की निरुपमा देवी का महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में अभियान निराशाजनक रूप से समाप्त हुआ जब वह छह में से केवल एक सफल प्रयास कर सकीं और कुल वजन दर्ज करने में नाकाम रहीं।
पच्चीस वर्षीय निरुपमा पूरे मुकाबले के दौरान लय में नहीं दिखीं। उन्होंने छह प्रयासों में केवल स्नैच में 93 किग्रा का एक सफल प्रयास किया।
उन्होंने स्नैच में 93 किग्रा वजन अपने दूसरे प्रयास में उठाया जबकि वह पहले प्रयास में ऐसा करने में नाकाम रहीं थी। वह तीसरे प्रयास में 95 किग्रा वजन उठाने में भी असफल रहीं। स्नैच चरण के बाद वह पांचवें स्थान पर थीं।
पदक की दौड़ में बने रहने के लिए उन्हें क्लीन एवं जर्क में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी। उन्होंने शुरुआती प्रयास के लिए 123 किग्रा वजन चुना। वह वजन को कंधों तक (क्लीन) लाने में सफल रहीं लेकिन उसे सिर के ऊपर स्थिर (जर्क) नहीं कर सकीं।
उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 126 किग्रा है।
भारतीय साथियों के जोरदार उत्साहवर्धन के बीच निरुपमा ने दूसरे प्रयास में फिर 123 किग्रा वजन उठाने की कोशिश की। इस बार भी वह क्लीन करने में सफल रहीं लेकिन जर्क के दौरान संतुलन खो बैठीं और बारबेल उनके पीछे गिर गई।
प्रतियोगिता में बने रहने और कांस्य पदक की उम्मीद कायम रखने के दबाव में वह तीसरे और अंतिम प्रयास में भी 123 किग्रा वजन उठाने में नाकाम रहीं। इसके साथ ही वह कुल वजन दर्ज नहीं कर सकीं और उनका अभियान समाप्त हो गया।
कनाडा की तोक्यो ओलंपिक चैंपियन मॉड शेरोन ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए तीनों वर्गों (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड बनाए और लगातार तीसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
शेरोन ने स्नैच में 102 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 130 किग्रा से रिकॉर्ड कुल 232 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता।
इंग्लैंड की सारा डेविस स्मेल ने कुल 217 किग्रा (95 किग्रा और 122 किग्रा) वजन के साथ रजत पदक जीता जबकि नौरू की 17 वर्षीय फेमिली क्रिस्टी नोटे ने 216 किग्रा (100 किग्रा और 116 किग्रा) के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
भाषा
सुधीर आनन्द
आनन्द
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