एकमुश्त शुल्क से अदाणी एंटरप्राइजेज को लगातार दूसरी तिमाही में घाटा, परिचालन लाभ रिकॉर्ड स्तर पर
अजय
- 29 Jul 2026, 06:36 PM
- Updated: 06:36 PM
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) को अमेरिकी ट्रेजरी से जुड़े एकमुश्त भुगतान के कारण लगातार दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि हवाई अड्डा और तांबा कारोबार के दम पर कंपनी ने रिकॉर्ड परिचालन लाभ दर्ज किया।
कंपनी को चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 1,160 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 885 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। यह गिरावट 2,644 करोड़ रुपये के एकमुश्त शुल्क के कारण हुई, जो अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) के निपटान से जुड़ा है।
एईएल ने बुधवार को बयान में कहा कि जून तिमाही में असाधारण मद को हटाने पर उसका कर-पूर्व लाभ करीब 12 प्रतिशत घटकर 1,295 करोड़ रुपये रहा। वहीं, परिचालन आय लगभग 50 प्रतिशत बढ़कर 33,546 करोड़ रुपये हो गई और परिचालन लाभ (ईबीआईटीडीए) 49 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 5,642 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वैश्विक उतार-चढ़ाव के कारण ईंधन कीमतों में वृद्धि से लागत बढ़ी, जिससे उसके नतीजों पर असर पड़ा है।
आलोच्य तिमाही में कंपनी ने ईरान मूल के एलपीजी प्रसंस्करण से जुड़े मामले में 27.5 करोड़ डॉलर का भुगतान किया, जिसे तिमाही नतीजे में एकमुश्त मद के रूप में दर्ज किया गया है।
इस दौरान अदाणी एंटरप्राइजेज का कुल खर्च 54 प्रतिशत बढ़कर 32,252 करोड़ रुपये हो गया। कच्चे माल की लागत साल भर पहले के 3,393 करोड़ रुपये से कई गुना बढ़कर 14,255 करोड़ रुपये हो गई, जबकि ब्याज खर्च में 59.8 प्रतिशत और कर्मचारी व्यय में 13.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी के तांबा कारोबार में क्षमता विस्तार के कारण बिक्री में तेज उछाल आया। हवाई अड्डा कारोबार की आय में 35 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई। वहीं कोयला व्यापार में सात प्रतिशत और नवीन ऊर्जा कारोबार में दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बीती तिमाही में कंपनी ने अपनी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाई, नया डेटा सेंटर का ऑर्डर हासिल किया और इसके नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का परिचालन शुरू हो गया।
कंपनी के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, ''अदाणी एंटरप्राइजेज ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत बेहद मजबूत प्रदर्शन के साथ की है। कंपनी ने 5,642 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक तिमाही ईबीआईटीडीए दर्ज किया है, जो उसके बुनियादी ढांचा और नए विकसित हो रहे कारोबार क्षेत्रों के विस्तार और परिपक्वता का नतीजा है।''
अदाणी ने कहा, ''भारत की अवसंरचना जरूरतें बढ़ने के साथ हम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कारोबार खड़े करने पर ध्यान बनाए रखे हुए हैं, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएं और हमारे सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य पैदा करें।''
इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि जुलाई में 15,000 करोड़ रुपये का पूंजी जुटाने का काम भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इस पूंजी को पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के जरिये जुटाया गया।
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