शाह को बर्खास्त किया जाए, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच हो: राहुल
नेत्रपाल
- 29 Jul 2026, 08:53 PM
- Updated: 08:53 PM
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि दिल्ली में विद्यार्थियों के साथ हुई ''बर्बरता'' के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं और उन्हें पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए तथा उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्चाधिकार-प्राप्त समिति से जांच कराई जानी चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्यों को बोलने दिया गया।
उन्होंने कहा, ''मुझे कहा गया कि यदि मैं माफी मांग लूं तो मुझे बोलने दिया जाएगा। पहली बात, मैं भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगूंगा। दूसरी बात, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है।''
गांधी ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा दिल्ली की सड़कों पर विद्यार्थियों के साथ हुई ''बर्बरता'' है।
उन्होंने दावा किया कि विद्यार्थियों पर 'पैलेट गन' का इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ''गृह मंत्री और सत्ता का पूरा तंत्र उन छात्रों को निशाना बना रहा है जिन्होंने विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लिया।''
उन्होंने कहा, ''ये हमारे बच्चे हैं, यही हमारे देश का भविष्य हैं। सरकार को उन्हें निशाना बनाने, धमकाने, पीटने या उन्हें छूने तक का कोई अधिकार नहीं है। छात्रों ने कोई अपराध नहीं किया है।''
गांधी ने दावा किया, ''गृह मंत्री में संसद में आकर जवाब देने का साहस नहीं है। उनमें इतनी हिम्मत नहीं है कि वह इस तरह आपके सामने खड़े होकर सवालों का सामना कर सकें। वह तो वहां से भाग जाएंगे। हमें उनसे संसद में आने की कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन हम जानते हैं कि इसकी जिम्मेदारी उन्हीं की है। और हम उन्हें इसकी जवाबदेही से बचकर निकलने नहीं देंगे।''
उन्होंने आरोप लगाया, ''लोकसभा में अमित शाह घुस नहीं पाए, क्योंकि वह दोषी हैं।''
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ''दिल्ली में दिल्ली पुलिस और आरएएफ ने हिंसा की है। ये दोनों गृह मंत्री को रिपोर्ट करती हैं।''
गांधी ने कहा, ''गृह मंत्रालय से जुड़े सुरक्षाबलों को किसी भी कदम के लिए गृह मंत्री के आदेश की जरूरत होती है।''
उन्होंने दावा किया, ''जब हम संसद भवन में थे, मैंने खुद देखा कि गृह मंत्री पुलिस अधिकारियों को फोन कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को अमित शाह की तरफ से फोन पर फोन आ रहे थे। एकदम स्पष्ट है कि सड़क पर जो रहा है उन्हें पता था।''
गांधी ने कहा, ''दो ही संभावनाएं हो सकती हैं। एक यह है कि शाह ने आदेश दिया और दूसरी यह कि उन्हें उस बारे में पता नहीं था जो हो रहा था। पहली संभावना में वह दोषी हैं और यदि दूसरी बात है कि वह अक्षम हैं। इसमें कोई तीसरी संभावना नहीं हो सकती।''
उन्होंने कहा, ''मैंने 25 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या आपने छात्रों पर घातक बल प्रयोग करने के आदेश दिए और सादे कपड़ों में छात्रों को लाठियों से मारने वाले लोग कौन थे? लेकिन सवालों का कोई जवाब नहीं मिला।''
गांधी ने कहा, ''प्रधानमंत्री को हमारी सलाह है कि अमित शाह को बर्खास्त करें और विद्यार्थियों पर हुई कार्रवाई की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में उच्चाधिकार-प्राप्त समिति से जांच कराई जाए।''
कांग्रेस नेता नेता ने कहा, ''एक छवि बनाई गई है। वह यह है कि अमित शाह देश के 'हीरो' हैं और नरेन्द्र मोदी 'भगवान' हैं। इस छवि को बनाए रखने में हजारों करोड़ रुपये फूंके जा रहे हैं। मीडिया, दिल्ली पुलिस, आरएएफ... सबको लगाया गया है ताकि छवि का गुब्बारा न फट जाए, लेकिन यह गुब्बारा फट चुका है।''
इससे पहले, विद्यार्थियों पर कथित बल प्रयोग का मुद्दा लोकसभा में उठाते हुए राहुल गांधी ने गृह मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि राहुल गांधी ने तथ्यहीन आरोप लगाए हैं और सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन किया है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
भाषा हक हक नेत्रपाल
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