झारखंड : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रांची में छात्रों का प्रदर्शन
पवनेश
- 29 Jul 2026, 09:37 PM
- Updated: 09:37 PM
(फोटो के साथ)
रांची, 29 जुलाई (भाषा) झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं के परिणामों में कथित अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को हजारों छात्रों ने रांची में विरोध मार्च निकाला।
झारखंड के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र 'जॉइंट स्टूडेंट्स फ्रंट' के बैनर तले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए और वहां से अलबर्ट एक्का चौक तक मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में '14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा रद्द करो', 'झोल-झाल पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी)', 'जेपीएससी और जेएसएससी की सीबीआई जांच कराई जाए' तथा 'हेमंत सोरेन इस्तीफा दें' जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।
रांची के छात्र आसिफ मुस्तफा ने कहा, ''हम झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी चिंता जताने के लिए यहां एकत्र हुए हैं। दोनों संस्थाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। योग्य अभ्यर्थियों को अवसर नहीं मिल रहे हैं।''
मुस्तफा ने बताया कि उन्होंने 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा दी थी।
हजारीबाग जिले के एक अन्य छात्र रवि कुमार ने विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
रवि कुमार ने आरोप लगाया, ''जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के परिणामों में कोई पारदर्शिता नहीं है। आयोग ने परिणाम घोषित करने से पहले श्रेणीवार कटऑफ अंक जारी नहीं किए। परिणाम आधी रात को घोषित किए गए। जिस तरह हमने केंद्र सरकार को अपनी मांगों के आगे झुकने के लिए मजबूर किया था, वैसा ही दृश्य झारखंड में भी देखने को मिलेगा।''
धनबाद जिले की खुशी कुमारी ने कहा कि राज्य सरकार को राज्य सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं का संज्ञान लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, ''जेपीएससी की परीक्षाएं आयोजित करने की प्रक्रिया में कोई निष्पक्ष व्यवस्था नहीं है। मैंने 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा दी है। मैं यहीं रहकर मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रही हूं। जब तक राज्य सरकार हमारी मांगों और चिंताओं पर ध्यान नहीं देती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हम चुप नहीं बैठेंगे।''
एक अन्य छात्रा ने दावा किया कि उसने जेएसएससी पीजीटी-2023 परीक्षा में 300 में से 299 अंक प्राप्त किए, लेकिन इसके बावजूद उसका चयन नहीं हुआ।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं ने कहा कि यदि राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो नयी दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर रांची में भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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