सावन माह के साथ ही कांवड़ यात्रा शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शफीक
- 30 Jul 2026, 03:31 PM
- Updated: 03:31 PM
हरिद्वार, 30 जुलाई (भाषा) सावन माह के साथ ही बृहस्पतिवार को कांवड़ यात्रा शुरू हो गयी जिसमें करीब एक पखवाड़े तक विभिन्न राज्यों के करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार तथा आसपास के क्षेत्रों में पहुंचेंगे।
हर साल होने वाली इस यात्रा में सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर शिवभक्त हरिद्वार पहुंचते हैं और वहां से गंगा जल लेकर उससे अपने गांव या घर के शिवालय में भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।
इस दौरान हरिद्वार भगवामय नजर आता है और हर तरफ 'बम बम भोले' की गूंज सुनाई देती है।
अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी के अनुसार, शिव को जल अतिप्रिय है, इसलिए शिवभक्त हरिद्वार से गंगा जल ले जाकर अपने शिवालयों मे शिव का जलाभिषेक करते हैं।
अधिकारियों को इस यात्रा में चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पंहुचने की उम्मीद है जिसे देखते हुए प्रशासन ने उनकी सुविधा और सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लेकर तमाम आला अधिकारी बैठकें कर सुरक्षा इंतजामों को लेकर चर्चा कर चुके हैं जबकि पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ भी यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने को लेकर समन्वय स्थापित किया गया है।
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह ने बताया कि कांवड़ मेले को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने बताया कि कांवड़ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अन्य जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है।
सिंह ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान पहली बार सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए 'साइबर कमांडो' तैनात किए गए हैं, जो भ्रामक, फर्जी और एआई से निर्मित वीडियो पर तत्काल कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने बताया कि सामान्य भ्रामक वीडियो को 36 घंटे के भीतर, जबकि एआई निर्मित फर्जी वीडियो को लगभग तीन घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि इसके लिए सोशल मीडिया मंचों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि कावंड यात्री दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेला शुरू होने से पूर्व ही बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचने लगे थे।
उन्होंने कहा कि इस बार मानसून और विभिन्न विकास कार्यों के चलते मेला प्रशासन के सामने अतिरिक्त चुनौतियां हैं।
दीक्षित ने कहा कि एक ओर राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं, तो दूसरी ओर कुंभ-2027 की तैयारियां भी जारी हैं और इन परिस्थितियों के बीच करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले को लेकर सभी विभागों द्वारा तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
दीक्षित ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक विद्यालयों में अवकाश रहेगा तथा विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं के निर्देश जारी किए गए हैं।
इस बीच, नीलकंठ महादेव क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही एवं छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर कांवड़ मार्ग पर स्थित 18 शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।
पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, इनमें से चार विद्यालय बृहस्पतिवार से 11 अगस्त तक जबकि 14 अन्य पांच अगस्त से 11 अगस्त तक बंद रखे जाएंगे।
भाषा सं दीप्ति शफीक
शफीक
3007 1531 हरिद्वार