केरल सरकार को पीएम श्री योजना लागू करनी होगी: सत्तारूढ़ यूडीएफ
सुरेश
- 30 Jul 2026, 09:23 PM
- Updated: 09:23 PM
तिरुवनंतपुरम, 30 जुलाई (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार को पीएम श्री योजना लागू करनी होगी, क्योंकि इस संबंध में समझौते पर पिछली माकपा-नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने हस्ताक्षर किए थे।
यूडीएफ ने इस मुद्दे पर पैदा हुए विवाद के लिए पिछली एलडीएफ सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि समझौते पर हस्ताक्षर कर उसने राज्य को मौजूदा स्थिति में पहुंचा दिया।
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन की अध्यक्षता में यहां हुई यूडीएफ की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में मोर्चा संयोजक अडूर प्रकाश ने कहा कि बैठक में 'प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया' (पीएम श्री) योजना पर चर्चा की गई।
प्रकाश ने कहा कि बैठक में यह निष्कर्ष निकला कि चूंकि पिछली वाम सरकार ने इस योजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, इसलिए राज्य अब इससे पीछे नहीं हट सकता।
उन्होंने कहा कि योजना को लागू करना केंद्र से राज्य को मिलने वाली धनराशि सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है।
प्रकाश ने कहा, "हालांकि, हम यह तय कर सकते हैं कि इसे किन स्कूलों में लागू किया जाना है, पाठ्यक्रम कैसा होगा और योजना के तहत आवंटित धन का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने इस योजना का पुरजोर विरोध किया था, इसके बावजूद एलडीएफ सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
उन्होंने कहा, "अगर वे (एलडीएफ) इसे लागू नहीं करना चाहते थे तो उन्हें शुरुआत में ही इस पर हस्ताक्षर नहीं करने चाहिए थे।"
इस बीच, राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शम्सुद्दीन ने भी इसी तरह की बात कही। उन्होंने कहा कि चूंकि पीएम श्री योजना के समझौते पर पिछली सरकार ने हस्ताक्षर किए थे, इसलिए अब इससे पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है।
कांग्रेस की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता शम्सुद्दीन ने सवाल किया कि पिछली सरकार ने सत्ता छोड़ने से पहले इस समझौते से बाहर निकलने का फैसला क्यों नहीं किया।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछली सरकार ने सत्ता छोड़ने से पहले समझौते से खुद को अलग क्यों नहीं किया।
कांग्रेस की सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सदस्य शम्सुद्दीन ने पत्रकारों से कहा, ''उन्होंने इसे सिर्फ कुछ समय के लिए रोककर रखा था।''
मंत्री ने कहा कि इस मामले में एलडीएफ ने राज्य को संकट में डाल दिया है और इसलिए मौजूदा सरकार के पास इसे लागू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
भाषा शुभम सुरेश
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