आईएएसवी त्रिवेणी से दुनिया का चक्कर लगाने वाली महिला अधिकारियों ने रूढ़ीवादी सोच तोड़ी: राजनाथ
सुरेश
- 30 Jul 2026, 09:34 PM
- Updated: 09:34 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को भारतीय सशस्त्र बलों की उन नौ महिला अधिकारियों को सम्मानित किया, जिन्होंने हाल में 'समुद्री प्रदक्षिणा' अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि ने उन रूढ़ीवादी धारणाओं को तोड़ दिया कि महिलाएं मुश्किल सैन्य अभियानों को पूरा नहीं कर सकतीं।
'समुद्री प्रदक्षिणा' अभियान के तहत थलसेना, नौसेना और वायुसेना की नौ महिला अधिकारियों ने भारतीय सेना नौकायन पोत (आईएएसवी) त्रिवेणी पर सवार होकर पहली बार दुनिया का चक्कर लगाने का कारनामा कर दिखाया।
राजनाथ ने महिला अधिकारियों से कहा, "आपने साबित कर दिया कि शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और नेतृत्व क्षमता किसी लिंग तक सीमित नहीं हैं। भारत की हर बेटी आपको देखकर खुद में यह भरोसा जगा सकती है कि वह भी समुद्र पार कर सकती है और दुनिया जीत सकती है।"
उन्होंने चार महासागरों में करीब 25,500 समुद्री मील की दूरी तय करते हुए 314 दिन में 'समुद्री प्रदक्षिणा' अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली टीम के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की।
राजनाथ ने इस अभियान को 'नारी शक्ति' का प्रमाण करार देते हुए कहा कि यह तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल और सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो हर भारतीय को प्रेरित करेगा।
उन्होंने महिला अधिकारियों की काबिलियत और आत्मविश्वास को "अविश्वसनीय" बताते हुए कहा कि 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान की सफलता ने "उन रूढ़िवादी धारणाओं को तोड़ दिया है कि महिलाएं मुश्किल सैन्य अभियान पूरे नहीं कर सकतीं।"
राजनाथ ने कहा कि भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की महिला अधिकारियों ने साझा लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक ही जहाज पर, एक ही ध्वज के तले साथ मिलकर यात्रा की। उन्होंने कहा कि यह अभियान इस बात का सबूत है कि "अगर हम मिलकर आगे बढ़ें, तो कोई भी लक्ष्य इतना मुश्किल नहीं, जिसे हासिल न किया जा सके''।
राजनाथ ने 22 जुलाई को 'समुद्री प्रदक्षिणा' अभियान के वापसी समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया था और इसके सफल आयोजन की सराहना की थी। उन्होंने आईएएसवी त्रिवेणी को भारत की समुद्री कूटनीति का "नौकायन दूत" बताया था।
'समुद्री प्रदक्षिणा' अभियान के दौरान महिला अधिकारियों ने 'ड्रेक पैसेज' सहित दुनिया के कुछ सबसे खतरनाक समुद्री मार्गों को पार किया। इस अभियान ने प्रकृति की कठोरतम चुनौतियों के बीच मानवीय दृढ़ता और साहस की परीक्षा ली।
आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार नौ महिला अधिकारियों ने 11 सितंबर 2025 को मुंबई के ऐतिहासिक गेटवे ऑफ इंडिया से इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत की थी। राजनाथ ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
महिला अधिकारियों ने राजनाथ के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अभियान की मुश्किल प्रकृति ने यात्रा को "यादगार और संतोषजनक" बना दिया।
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, महिला अधिकारियों ने कहा कि देश को गौरवान्वित करने के उनके अटूट संकल्प ने उन्हें लगातार प्रेरित किया, जिससे वे कठिन शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से पार पाने में सफल रहीं।
बयान के अनुसार, राजनाथ ने कहा कि इन महिला अधिकारियों के समर्पण ने उन्हें भी प्रेरित किया है और उनका खुद का संकल्प भी और मजबूत हुआ है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि इन महिला अधिकारियों की उपलब्धि दिखाती है कि दृढ़ विश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
राजनाथ ने महिला अधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि वे जिन देशों से गुजरीं, वहां भारत की इंजीनियरिंग क्षमता, स्वदेशी कौशल और तकनीकी प्रगति का प्रदर्शन किया।
उन्होंने महिला अधिकारियों से कहा, "आपने दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं है।"
सम्मान समारोह में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर और तीनों सेनाओं के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
भाषा पारुल सुरेश
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