राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
माधव
- 31 Jul 2026, 12:38 PM
- Updated: 12:38 PM
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) नीट प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग और अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने तथा जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण शुक्रवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के करीब बीस मिनट बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल केवल 15 मिनट ही चल पाया और चार सदस्यों ने आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े अपने अपने मुद्दे उठाए।
पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही शुरू होने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने शून्यकाल शुरू करने को कहा। इसी दौरान नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग और अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने तथा जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा ''आप रोज इसी तरह की स्थिति उत्पन्न करते हैं। आप हंगामा करते हैं, और फिर सदन से बहिर्गमन कर जाते हैं। आप अपनी बात कहना चाहते हैं लेकिन सुनना नहीं चाहते।''
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने मांग की कि नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए।
सभापति राधाकृष्णन ने बाद में खरगे को बोलने की अनुमति दी। कांग्रेस अध्यक्ष और उच्च सदन में विपक्ष के नेता खरगे ने कहा कि उन्होंने नोटिस दिया है।
राधाकृष्णन ने पूछा कि नोटिस किस नियम के तहत दिया गया। इस पर खरगे ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत नियत कामकाज स्थगित कर एक विशेष मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिया है।
सभापति ने स्पष्ट किया कि नियम 267 के तहत कोई भी नोटिस स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह पहले ही नियम 267 के बारे में व्यवस्था दे चुके हैं
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने प्रश्न पत्र लीक मामले और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर भी नारे लगाए।
सदन में मौजूद केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर ''सड़क-छाप राजनीति'' करने और ''सदन की गरिमा से खिलवाड़'' करने का आरोप लगाया।
चौहान ने कहा, ''वे सड़क-छाप राजनीति कर रहे हैं और सदन की गरिमा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के आचरण की निंदा करते हैं।
सभापति ने हंगामे के बीच ही शून्यकाल के तहत मुद्दे उठाने के लिए सदस्यों के नाम पुकारे। भाजपा के चार सदस्यों ने आसन की अनुमति से लोक महत्व से जुड़े अपने अपने मुद्दे उठाए।
इस दौरान विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी थी। कुछ सदस्य अपने स्थानों से उठ कर आगे भी आ गए थे। एक विपक्षी सदस्य ने व्यवस्था का प्रश्न उठाना चाहा लेकिन सभापति ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।
उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और कार्यवाही चलने देने की अपील की लेकिन अपनी बात का असर होते न देख उन्होंने 11 बज कर बीस मिनट पर कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। उच्च सदन की अगली बैठक अब सोमवार, तीन अगस्त को होगी।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरु हुआ है और विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही है।
भाषा मनीषा माधव
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