तृणमूल सरकार के दौरान बीरभूम में 15,000 करोड़ रु के राजस्व का नुकसान हुआ : मुख्यमंत्री शुभेंदु
सुरेश
- 31 Jul 2026, 07:27 PM
- Updated: 07:27 PM
कोलकाता, 31 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बीरभूम जिले में पिछले 15 सालों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है और पिछली सरकार के समर्थन के बिना ऐसा होना मुमकिन नहीं था।
यहां राज्य सचिवालय में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान शुभेंदु ने दावा किया कि पत्थरों के व्यापारी मोहम्मद नजीबुद्दीन उर्फ टुल्लू मंडल के इर्द-गिर्द चल रहा यह गिरोह राजनीतिक संरक्षण और संस्थागत समर्थन के बिना इतने सालों तक नहीं चल सकता था। टुल्लू मंडल अभी फरार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी विभाग या तो मिलीभगत में शामिल थे या फिर "ऊपर से मिले" निर्देशों के तहत चुप रहे।
उन्होंने इशारा किया कि मंडल ने पिछले कुछ वर्षों में 242 गाड़ियां और 300 बीघा जमीन जमा कर ली थी तथा आरोप लगाया, ''पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन के बिना, इतने बड़े गिरोह का इतने लंबे समय तक चलना नामुमकिन है।''
उनका यह आरोप ऐसे समय में आया है जब पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में कथित अवैध खनन और राजस्व के नुकसान के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए फरार पत्थर व्यापारी टुल्लू मंडल के घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद किया है।
पुलिस को शक है कि नकदी का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर हेराफेरी की कमाई का है। यह जिला लंबे समय से अवैध पत्थर खनन और पत्थर के व्यापार से जुड़े संगठित अपराध के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में रहा है।
अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शुभेंदु ने कहा, "सालों से राजस्व की हेराफेरी करने वाला एक संगठित गिरोह... संस्थान के प्रमुख की सहमति के बिना काम नहीं कर सकता।"
अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "सालों से राजस्व की हेराफेरी करने वाला एक संगठित गिरोह... संस्थान के प्रमुख की सहमति के बिना काम नहीं कर सकता।"
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अगर सबसे ऊंचे स्तर से निर्देश नहीं आते, तो कोई भी मंडल पर ध्यान नहीं देता। अधिकारियों को आंखें मूंदे रहने के लिए मजबूर किया गया। सरकार के तत्कालीन प्रमुख के तौर पर, इसकी पूरी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री की है।''
शुभेंदु ने कहा, ''संस्थागत भ्रष्टाचार तभी होता है जब संस्था का प्रमुख भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं कहता आ रहा था कि जहां 100 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में गए, वहीं 1,100 करोड़ रुपये का गबन किया गया।" उन्होंने कहा कि उस पैसे का इस्तेमाल अस्पताल और स्कूल बनाने तथा लाखों युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने में किया जा सकता था।
पिछली सरकार के कामकाज की तुलना अपनी सरकार के कामकाज से करते हुए शुभेंदु ने कहा कि जहां पहले पत्थर उद्योग से सालाना कमाई 60 से 80 करोड़ रुपये के बीच थी, वहीं भाजपा के सत्ता में आने के तुरंत बाद, इस साल मई और जून के बीच राज्य ने 83 करोड़ रुपये कमाए।
उन्होंने कहा कि मासिक राजस्व अब 100 करोड़ रुपये के करीब पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कथित अवैध खनन और राजस्व के नुकसान के खिलाफ जारी कार्रवाई के परिणामस्वरूप मंडल और उनके सहयोगियों से जुड़ी बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद और जब्त की गई है।
उनके अनुसार, मंडल के घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और लगभग 50 करोड़ रुपये कीमत का 15 किलो सोना बरामद किया गया। पुलिस ने बाद में की गई छापेमारी में चांदी और प्लेटिनम के गहनों के अलावा 53 लाख रुपये नकद भी जब्त किए।
शुभेंदु ने बताया कि कार्रवाई के दौरान, 93 करोड़ रुपये वाले टुल्लू मंडल के बैंक खाते से लेन-देन पर रोक लगा दी गयी है।
उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि जांचकर्ताओं ने सात घरों समेत 21 संपत्ति, एक फार्महाउस, दो पेट्रोल पंप, पार्किंग की सुविधा, पत्थर की खदानें, क्रशर और 300 बीघा जमीन का पता लगाया है और इन सभी को जब्त किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने 242 वाहनों की पहचान कर उन्हें जब्त भी किया है, जिनमें ट्रक, डंपर और लग्जरी कारें शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टुल्लू मंडल की लगभग 150 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति, जिसमें नकदी, सोना और गहने शामिल हैं, पहले ही जब्त की जा चुकी है और कानून के मुताबिक इसकी नीलामी की जाएगी।
वित्त विभाग से मिली जानकारी का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के 11 हफ्तों के भीतर राज्य के राजस्व में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और उन्हें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
उन्होंने इस गिरोह का पर्दाफाश करने में बीरभूम पुलिस और पुलिस महानिदेशक की अथक कोशिशों की तारीफ की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माना जा रहा है कि मंडल देश छोड़कर भाग गया है, जबकि उसके कई करीबी सहयोगियों को हिरासत में ले लिया गया है, जिनमें उसका "लेखाकार" पिनाकी डे, "सहायक लेखाकार" रकीबुल इस्लाम और पेट्रोल पंप प्रबंधक कौसर शामिल हैं।
उन्होंने बर्दवान से जैश-ए-मोहम्मद के एक संदिग्ध सदस्य की गिरफ्तारी पर यह कहते हुए टिप्पणी करने से परहेज किया कि यह मामला "बहुत संवेदनशील" है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "यह बहुत संवेदनशील मामला है। इसके अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े हैं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। विशेष कार्यबल इस मामले की जांच कर रहा है और उसके मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिली जानकारी की पड़ताल की जा रही है।"
भाषा प्रशांत सुरेश
सुरेश
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