तृणमूल सरकार के दौरान बीरभूम में 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ : शुभेंदु अधिकारी
दिलीप
- 31 Jul 2026, 08:38 PM
- Updated: 08:38 PM
कोलकाता, 31 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बीरभूम जिले में पिछले 15 वर्षों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है और पिछली सरकार के समर्थन के बिना ऐसा होना मुमकिन नहीं था।
अधिकारी ने यहां राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि पत्थरों के व्यापारी मोहम्मद नजीबुद्दीन उर्फ टुल्लू मंडल के इर्द-गिर्द चल रहा यह गिरोह राजनीतिक संरक्षण और संस्थागत समर्थन के बिना इतने वर्षों तक नहीं चल सकता था। टुल्लू मंडल अभी फरार है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी विभाग या तो मिलीभगत में शामिल थे या फिर "ऊपर से मिले" निर्देशों के तहत चुप रहे।
अधिकारी ने इस बात की ओर इशारा किया कि पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार, मंडल ने पिछले कुछ वर्षों में 242 गाड़ियां, 21 संपत्तियां और 300 बीघा ज़मीन जमा कर ली थी। उन्होंने आरोप लगाया, ''पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन के बिना, इतने बड़े गिरोह का इतने लंबे समय तक चलना नामुमकिन है।''
उन्होंने कहा, "एक इलाके में सिर्फ एक चीज (पत्थर के व्यापार) से 1,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी का मतलब है कि पिछले 15 साल से राज्य चलाने वाली सरकार सिर्फ एक जिले से सालाना 15,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान के लिए जिम्मेदार है। हम इस हेराफेरी से सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाले का पता लगाएंगे और इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस काम को पूरा करने के लिए बंगाल पुलिस पर पूरा भरोसा है।
उनका यह आरोप ऐसे समय में आया है, जब पुलिस ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में कथित अवैध खनन और राजस्व के नुकसान के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए फरार पत्थर व्यापारी टुल्लू मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल के जिले के मोहम्मद बाजार इलाके स्थित घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद किया है।
जिले में कथित अवैध खनन और राजस्व के नुकसान के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाई के तहत, कुल मिलाकर लगभग 50 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई।
पुलिस को शक है कि नकदी का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर हेराफेरी करके निकाली गई कमाई का है। यह जिला लंबे समय से अवैध खनन और पत्थर के व्यापार से जुड़े संगठित अपराध के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में रहा है।
अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा, "सालों से राजस्व की हेराफेरी करने वाला एक संगठित गिरोह... संस्थान के प्रमुख की सहमति के बिना काम नहीं कर सकता।"
अपनी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "सालों से राजस्व की हेराफेरी करने वाला एक संगठित गिरोह... संस्थान के प्रमुख की सहमति के बिना काम नहीं कर सकता।"
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "अगर सबसे ऊंचे स्तर से निर्देश नहीं आते, तो कोई भी मंडल पर ध्यान नहीं देता। अधिकारियों को आंखें मूंदे रहने के लिए मजबूर किया गया। सरकार के तत्कालीन प्रमुख के तौर पर, इसकी पूरी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री की है।''
अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह गिरोह प्रशासन की सक्रिय मिलीभगत से फला-फूला; इसमें जमीन पंजीकरण कार्यालय, मोटर वाहन विभाग, स्थानीय पुलिस और पंचायत, राज्य खनिज विकास निगम और राज्य भूमि विभाग ने अपराध में साझीदार की भूमिका निभाई।
अधिकारी ने कहा, "संस्थागत भ्रष्टाचार तभी होता है, जब संस्था का प्रमुख भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है...मैं कहता आ रहा था कि जहां 100 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में गए, वहीं 1,100 करोड़ रुपये का गबन किया गया।।"
उन्होंने कहा कि उस पैसे का इस्तेमाल अस्पताल और स्कूल बनाने तथा लाखों युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने में किया जा सकता था।
पिछली सरकार के कामकाज की तुलना अपनी सरकार के कामकाज से करते हुए शुभेंदु ने कहा कि जहां पहले पत्थर उद्योग से सालाना कमाई 60 से 80 करोड़ रुपये के बीच थी, वहीं भाजपा के सत्ता में आने के तुरंत बाद, इस साल मई और जून के बीच राज्य ने 83 करोड़ रुपये कमाए।
उन्होंने कहा कि मासिक राजस्व अब 100 करोड़ रुपये के करीब पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कथित अवैध खनन और राजस्व के नुकसान के खिलाफ जारी कार्रवाई के परिणामस्वरूप मंडल और उनके सहयोगियों से जुड़ी बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद और जब्त की गई है।
अधिकारी ने कहा कि 50 करोड़ रुपये की संपत्ति की बरामदगी के अलावा, टुल्लू मंडल के बैंक खातों से लेन-देन पर भी रोक लगा दी गयी है, जिनमें 93 करोड़ रुपये जमा थे।
पुलिस ने बाद में की गई छापेमारी में चांदी और प्लेटिनम के गहनों के अलावा 53 लाख रुपये नकद भी जब्त किए।
उन्होंने यहां पत्रकारों को बताया कि जांचकर्ताओं ने सात घरों समेत 21 संपत्ति, एक फार्महाउस, दो पेट्रोल पंप, पार्किंग की सुविधा, पत्थर की खदानें, क्रशर और 300 बीघा जमीन का पता लगाया है और इन सभी को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अधिकारियों ने 242 वाहनों की पहचान कर उन्हें जब्त भी किया है, जिनमें ट्रक, डंपर और लग्जरी कारें शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टुल्लू मंडल की लगभग 150 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति, जिसमें नकदी, सोना और गहने शामिल हैं, पहले ही जब्त की जा चुकी है और कानून के मुताबिक इसकी नीलामी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मीनार मंडल, जिसके घर से 50 करोड़ रुपये ज़ब्त किए गए थे, उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने पूछताछ के लिए पांच ऐसे लोगों को हिरासत में लिया है, जो टुल्लू मंडल के लिए काम करते थे और उसकी संपत्ति का प्रबंधन करते थे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्य आरोपी शायद देश छोड़कर भाग गया है।
वित्त विभाग से मिली जानकारी का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के 11 हफ्तों के भीतर राज्य के राजस्व में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और उन्हें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक इसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
उन्होंने इस गिरोह का पर्दाफाश करने में बीरभूम पुलिस और पुलिस महानिदेशक की अथक कोशिशों की तारीफ की।
उन्होंने कहा, "हमें नतीजे मिलने शुरू हो गए हैं। ऐसे अभियान आम तौर पर ईडी और सीबीआई जैसी सक्षम संस्थाएं करती हैं। लेकिन बंगाल पुलिस ने आखिरी बार ऐसी कार्रवाई कब की थी?"
भाषा
प्रशांत दिलीप
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