प्रधानमंत्री पर टिप्पणी के लिए महिला के खिलाफ प्राथमिकी, दीपके ने पूछा-क्या भारत में दो तरह के कानून
पारुल
- 01 Aug 2026, 12:33 AM
- Updated: 12:33 AM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ शून्य प्राथमिकी दर्ज किए जाने के कदम पर सवाल उठाते हुए शुक्रवार को पूछा कि क्या देश में ''दो तरह के कानून'' हैं।
दीपके ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और पार्टी के आईटी प्रकोष्ठ के उन सदस्यों के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जिन पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगते रहे हैं।
कॉजपा की ओर से 'एक्स' पर साझा किए गए एक वीडियो में दीपके ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप में एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि अन्य मामलों में इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
दीपके ने कहा, ''अगर गाली देने पर मामले दर्ज किए जा रहे हैं, तो वर्षों से सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के लोगों के खिलाफ मामला कब दर्ज होगा?''
कॉजपा संस्थापक ने आरोप लगाया कि ऐसे कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं, जो खुलेआम खुद को भाजपा से जुड़ा हुआ बताते हैं और उन्होंने बार-बार महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है।
उन्होंने कहा, ''वे महिलाओं का किसी भी तरह सम्मान नहीं करते और हर तरह के अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने अपने 'बायो' में गर्व से लिखा है, 'प्रधानमंत्री मोदी द्वारा फॉलो किए जाने वाले।' ऐसे लोगों ने लड़कियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। उनके खिलाफ मामला कब दर्ज होगा?''
दीपके ने भाजपा नेताओं की पिछली टिप्पणियों का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने कहा, ''यह सिर्फ भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ की बात नहीं है। उनके सांसद रमेश बिधूड़ी जी ने साथी सांसद के लिए किन शब्दों का इस्तेमाल किया था, यह सबको याद है।''
दीपके ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने (योगी) एक कैमरामैन के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने कहा, ''उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री... का भी एक वीडियो था, जिसमें उन्होंने एक कैमरामैन को अपशब्द कहे थे। तो, यह क्या हो रहा है? क्या इस देश में दो तरह के कानून हैं? युवाओं के लिए अलग कानून और भाजपा तथा उसके नेताओं के लिए अलग कानून?''
दीपके ने दावा किया कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपने आप में कोई आपराधिक अपराध नहीं है और केवल ऐसी टिप्पणियों के आधार पर किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए।
दीपके की यह टिप्पणी नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में एक महिला के खिलाफ शून्य प्राथमिकी दर्ज होने के एक दिन बाद आई है। महिला पर 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है।
यह प्राथमिकी गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना), 353(1) (सार्वजनिक अशांति फैलाने वाले बयान) और 356(1) (मानहानि) के तहत दर्ज की गई है।
पुलिस ने कहा कि आगे की जांच के लिए शून्य प्राथमिकी को नयी दिल्ली हस्तांतरित कर दिया गया है।
भाषा सुरभि पारुल
पारुल
0108 0033 दिल्ली