शिवकुमार ने लोगों से कावेरी के मुद्दे पर प्रदर्शन नहीं करने की अपील की
दिलीप
- 01 Aug 2026, 07:34 PM
- Updated: 07:34 PM
मैसूरु (कर्नाटक), एक अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार को तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने का विरोध कर रहे संगठनों से अपना प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि काबिनी जलाशय के पूरी क्षमता तक भर जाने के बाद पानी को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को अपनी जान जोखिम में न डालने के प्रति आगाह किया।
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के तमिलनाडु के लिए 15 दिनों तक 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ने मैसूरु हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर इस मुद्दे का 'राजनीतिकरण' करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''काबिनी जलाशय भर रहा है। जब बांध भर जाता है, तो पानी छोड़ना ही पड़ता है। इसे रोकना नामुमकिन है। मैं उन लोगों से अपना फैसला वापस लेने की विनम्र अपील करता हूं, जो पानी छोड़े जाने के खिलाफ आंदोलन करने की योजना बना रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि अधिकारी जलाशय के बारे में हर घंटे जानकारी दे रहे हैं तथा काबिनी में पानी 40,000 क्यूसेक तक पहुंच गया है, ऐसे में प्रकृति को इंसानी फैसलों से नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''भले ही हम पानी न छोड़ने का फ़ैसला करें, लेकिन एक बार जब जलाशय भर जाता है, तो उसे रोकना असंभव होता है। प्रदर्शनकारियों को उन जगहों के पास नहीं जाना चाहिए, जहां से पानी छोड़ा जा रहा है। पानी का बहाव आपको बहा ले जा सकता है। बहते पानी के रास्ते में किसी को भी लेटना नहीं चाहिए।''
बंद या विरोध प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान है, लेकिन इससे जनजीवन या कानूनी व्यवस्था में बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु के लोग एक ही देश के नागरिक हैं।
शिवकुमार ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों-- एस. बंगारप्पा, एस.एम. कृष्णा, एच.डी. देवेगौड़ा और सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली सरकारों ने इसी तरह के संकटों के दौरान तत्कालीन परिस्थितियों के आधार पर फैसले किये थे।
उन्होंने कहा, ''तमिलनाडु को 177 टीएमसी पानी छोड़ने का आदेश है और उच्चतम न्यायालय ने इसे बरकरार रखा है। हमें अदालत के आदेश का सम्मान करना चाहिए और साथ ही अपने किसानों के हितों की भी रक्षा करनी चाहिए। हमारी सरकार कर्नाटक के किसानों के कल्याण की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।''
भाजपा पर इस मुद्दे का 'राजनीतिकरण' करने का आरोप लगाते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी के बयानों पर भी ध्यान दिया है । उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु के नेता अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ रहे हैं।
भाषा
राजकुमार दिलीप
दिलीप
0108 1934 मैसूरु