अदालत ने तिरंगा यात्रा मामले में आप विधायक कुलदीप कुमार के खिलाफ दो प्राथमिकी रद्द कीं
माधव
- 04 Aug 2026, 05:59 PM
- Updated: 05:59 PM
नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने कोविड-19 प्रतिबंधों के दौरान 2021 में एकतिरंगा यात्रा निकालने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) विधायक कुलदीप कुमार के खिलाफ दर्ज दो प्राथमिकी रद्द कर दी हैं। अदालत ने कहा कि उसी यात्रा से जुड़े एक मामले में उन्हें पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि एक ही कार्यक्रम के संबंध में तीन अलग-अलग थानों में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थीं और समान निषेधाज्ञा एवं कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन के लिए और कोई दोषसिद्धि संविधान में दिए गए दोहरा दंड से सुरक्षा के प्रावधान के विपरीत होगी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, "तीनों प्राथमिकी एक ही तिरंगा यात्रा से संबंधित हैं, जो 15 अगस्त, 2021 को याचिकाकर्ता कुलदीप कुमार के नेतृत्व में निकाली गई थी, जो उस समय कोंडली विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।"
अदालत ने तीन अगस्त को पारित फैसले में कहा, ''तीनों प्राथमिकी में आरोप एक ही जुलूस, कथित कृत्यों के एक ही समूह, उन्हीं सरकारी अधिसूचनाओं और निषेधाज्ञाओं के उल्लंघन तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 के तहत दंडनीय एक ही अपराध से संबंधित हैं। इसलिए तीनों प्राथमिकी का दायरा पूरी तरह समान है।''
अदालत ने कहा कि न्यू अशोक नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 353/2021 से संबंधित अभियोजन में कोंडली के विधायक को पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है, इसलिए बाकी दो प्राथमिकी में आगे की कार्यवाही जारी नहीं रखी जा सकती।
अक्टूबर 2022 में यहां की एक निचली अदालत ने कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (आदेश की अवज्ञा) के तहत दोषी ठहराते हुए 1,600 रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया था।
कुमार ने दलील दी थी कि एक ही घटना से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही में दोषसिद्धि हो जाने के बाद उसी अपराध के लिए कई मुकदमे चलाना कानूनी रूप से सही नहीं है।
उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की इस दलील को खारिज कर दिया कि हर बार यात्रा के किसी अलग थाना क्षेत्र में प्रवेश करने पर निषेधाज्ञा का नया उल्लंघन हुआ और इससे अलग अपराध बन गया।
अदालत ने कहा कि केवल इस आधार पर कि जुलूस अलग-अलग क्षेत्रों से गुजरा या यात्रा आगे बढ़ने के दौरान निषेधाज्ञा का कथित उल्लंघन जारी रहा, इसे "कई स्वतंत्र घटनाओं" का मामला नहीं माना जा सकता।
अदालत ने आदेश दिया कि दिल्ली के कल्याणपुरी थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 413/2021 और गाजीपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी संख्या 372/2021 तथा उनसे जुड़ी सभी आगे की कार्यवाहियों को रद्द किया जाता है।
भाषा अमित माधव
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