मणिमहेश यात्रा मार्ग पर पानी की छोटी बोतलें, स्नैक्स पैकेट और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक
सुभाष
- 07 Aug 2026, 01:36 PM
- Updated: 01:36 PM
शिमला, सात अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश में मणिमहेश कैलाश शिखर की तीर्थयात्रा के मार्ग पर पानी की छोटी बोतलों, 'स्नैक्स' के छोटे पैकेट और सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह कदम क्षेत्र के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए उठाया गया है।
चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने अन्य अधिकारियों के साथ हड़सर गांव से डल झील, मणिमहेश तक तीर्थयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और दुकानदारों से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।
चंबा जिले में स्थित मणिमहेश कैलाश चोटी समुद्र तल से 18,547 फुट की ऊंचाई पर है। यह यात्रा भगवान शिव को समर्पित है।
हड़सर से डल झील तक 14 किलोमीटर की पद यात्रा वाली यह तीर्थयात्रा आधिकारिक रूप से 17 अगस्त से शुरू होगी और सितंबर के अंत में संपन्न होगी। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 60 श्रद्धालु इस यात्रा पर जा रहे हैं।
रेप्सवाल ने यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल सुविधाओं, विश्राम स्थलों, स्वच्छता व्यवस्था और कचरा प्रबंधन सहित विभिन्न तैयारियों का जायजा लिया तथा विभागीय अधिकारियों को श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 4 और 19 सितंबर को छोड़कर मौसम की स्थिति के आधार पर प्रतिदिन करीब 5,000 श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि यात्रा मार्ग पर पानी की छोटी बोतलों और स्नैक्स के छोटे पैकेट की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। इसके अलावा पूरे यात्रा मार्ग पर बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने दुकानदारों से प्रतिबंधित वस्तुओं की बिक्री से दूर रहने को कहा और क्षेत्र के बेहद संवेदनशील पर्यावरण तथा मणिमहेश घाटी की प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य यात्रा मार्ग पर प्लास्टिक कचरे में कमी लाना, स्थानीय जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव रोकना और श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित तथा प्रदूषण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है।
पिछले साल भारी बारिश के बाद परिक्रमा मार्ग पर 15 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद मणिमहेश ट्रस्ट ने फैसला किया है कि बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग बंद रखा जाएगा।
लाहौल से परिक्रमा मार्ग के जरिए आने वाले श्रद्धालुओं और पास के कुगती गांव के निवासियों को इस मार्ग से जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा अनुभवी गाइड के साथ जाने वाले लोगों को भी अनुमति दी जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
भाषा मनीषा सुभाष
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