ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक में सांस्कृतिक सहयोग के लिए 'भोपाल घोषणा' स्वीकार
जितेंद्र
- 08 Aug 2026, 09:53 PM
- Updated: 09:53 PM
भोपाल, आठ अगस्त (भाषा) भारत की अध्यक्षता में शनिवार को यहां आयोजित ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की 11वीं बैठक में 'भोपाल घोषणा' को स्वीकार कर लिया गया। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी। शेखावत ने बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि घोषणा का उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग के संस्थागत ढांचे को मजबूत करना और संस्कृति तथा विरासत के समकालीन एवं पारंपरिक क्षेत्रों में साझा कार्ययोजना उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संपदा से संबंधित 'प्रोवेनेंस रिसर्च' यानी किसी सांस्कृतिक वस्तु के उद्गम और स्वामित्व के इतिहास के अध्ययन तथा उसके प्रत्यावर्तन को भी सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया है।
इसके तहत कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित खोज और पता लगाने वाले उपकरणों की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जाएगा।
शेखावत ने कहा कि सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों तथा रचनात्मक अर्थव्यवस्था में सहयोग भी घोषणा का प्रमुख क्षेत्र है, इसमें कार्यप्रणालियों, अनुभवों व श्रेष्ठ तौर-तरीकों का आदान-प्रदान, रचनाकारों को समर्थन, नेटवर्किंग और डिजिटल साधनों के जरिए बाजार तक पहुंच बढ़ाना शामिल है।
उन्होंने कहा कि घोषणा में यूनेस्को की बहुराष्ट्रीय नामांकन प्रक्रियाओं में सहयोग बढ़ाने के प्रावधान किए गए हैं, इससे साझा और परस्पर जुड़े सांस्कृतिक विरासत स्थलों की पहचान एवं संरक्षण के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण मजबूत होगा।
मंत्री ने बताया कि पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों और पारंपरिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का संरक्षण भी घोषणा के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है, इसके अलावा संग्रहालयों, पुस्तकालयों व अभिलेखागार के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है, जिससे सांस्कृतिक एवं दस्तावेजी संसाधनों के संरक्षण के क्षेत्र में संस्थागत आदान-प्रदान और विशेषज्ञता साझा करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
शेखावत ने कहा कि रचनाकारों के अधिकार भी सहयोग के क्षेत्रों का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि घोषणा में एआई प्रणालियों में कॉपीराइट से संरक्षित कृतियों के इस्तेमाल में पारदर्शिता तथा उचित और समान पारिश्रमिक के मुद्दों को भी शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान परामर्श और विचार-विमर्श की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की तीन बैठकें और उसके बाद भोपाल में मंत्री स्तर की बैठक हुई।
पहली ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक 29-30 अप्रैल को ऑनलाइन हुई थी।
दूसरी बैठक चार-पांच जून को वाराणसी और तीसरी बैठक पांच-छह अगस्त को भोपाल में हुई।
शेखावत ने बताया कि मंत्री स्तर की बैठक में 14 देशों के 55 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस बैठक में भाग लेने वाले सदस्य देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल रहे।
मिस्र ने ऑनलाइन भाग लिया।
चार भागीदार देशों बेलारूस, क्यूबा, कजाकिस्तान और थाईलैंड ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
शेखावत ने कहा कि इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के संस्कृति मंत्रियों की भागीदारी ब्रिक्स के संस्कृति क्षेत्र के प्रति सदस्य देशों की उच्चस्तरीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और राज्य के संस्कृति सचिव शिव शेखर शुक्ला मौजूद थे।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राजा भोज की नगरी भोपाल में ब्रिक्स की बैठक आयोजित होना प्रदेश की जनता के लिए गर्व की बात है।
भाषा दिमो जितेंद्र
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