अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का जीवंत उदाहरण : योगी
राजकुमार
- 16 Aug 2026, 03:03 PM
- Updated: 03:03 PM
लखनऊ, 16 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का जीवंत उदाहरण है।
योगी ने यहां लोकभवन में वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। योगी के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री बलदेव औलख समेत कई प्रमुख लोगों ने भी श्रद्धांजलि दी।
योगी ने अपने संबोधन में कहा, ''पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की आज आठवीं पुण्यतिथि है। उत्तर प्रदेश शासन और राज्य की जनता की ओर से उनके श्री चरणों में हम विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।''
उन्होंने कहा,''अटल जी का छह दशक का सार्वजनिक जीवन निर्विवाद और निष्कलंक रहा है। वह भारतीय राजनीति के एक अजातशत्रु के रूप में राष्ट्र सर्वोपरि के भाव के साथ निरंतर कार्य करते रहे।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ''अटल जी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर में अनुच्छे 370 लगाने के विरोध में चले सत्याग्रह से प्रारंभ किया था तथा पहले भारतीय जनसंघ तथा बाद में भारतीय जनता पार्टी में सांसद, विदेश मंत्री, नेता विरोधी दल, पार्टी अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री जैसी अलग-अलग भूमिकाओं में ''राष्ट्र प्रथम'' को महत्व दिया।''
योगी ने कहा कि जब भी देश की सुरक्षा का मसला रहा, चाहे 1962 का युद्ध रहा है या 1965 या 1971 का, इन सबमें उन्होंने कभी भी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की बजाय सरकार के साथ एक जिम्मेदार सांसद के रूप में खड़े होकर राष्ट्र की सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने में अपना योगदान दिया।
योगी ने कहा कि कारगिल संघर्ष के दौरान दुनिया ने अटल जी के दृढ़ संकल्प का लोहा माना था।
इसके पहले मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति के शिखर पुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री, 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।"
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने ओजस्वी चिंतन, मर्यादित आचरण और कर्मनिष्ठ जीवन से भारतीय लोकतंत्र में शुचिता, राजनीति में नैतिकता और राष्ट्रसेवा के उच्च आदर्श स्थापित किए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 'एक्स' पर वाजपेयी की कविता की पंक्तियां—"हार नहीं मानूंगा, रार नयी ठानूंगा…काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूं, गीत नया गाता हूं..." साझा करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने अपने ओजस्वी विचारों और दूरदर्शी नेतृत्व से भारतीय राजनीति को नयी ऊंचाई दी तथा उनका राष्ट्र सेवा को समर्पित जीवन सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाजपेयी को भारतीय राजनीति का अजातशत्रु, ओजस्वी कवि और पूर्व प्रधानमंत्री बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौर्य ने कहा कि उन्होंने अपने आचरण से सिद्ध किया कि सिद्धांतों की मजबूती और लोकतांत्रिक सहमति के साथ भी देश को प्रभावी नेतृत्व दिया जा सकता है।
मौर्य ने कहा कि पोखरण के ऐतिहासिक निर्णय से भारत को सामरिक सामर्थ्य देने से लेकर आधुनिक अवसंरचना की मजबूत नींव रखने तक वाजपेयी का योगदान अविस्मरणीय है और उनकी दूरदृष्टि, कर्मनिष्ठा तथा देश के प्रति अटूट समर्पण सदैव पथ आलोकित करते रहेंगे।
पाठक ने भी वाजपेयी को भारतीय राजनीति का युगपुरुष, असंख्य कार्यकर्ताओं का पथप्रदर्शक और प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पाठक की देखरेख में यहां अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में 'अटल स्मृति संध्या' का आयोजन किया गया है। इसके मुख्य अतिथि योगी आदित्यनाथ होंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री अशोक चक्रधर एकल काव्यपाठ करेंगे।
वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में हुआ था। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार देश का नेतृत्व किया। वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था।
भाषा आनन्द रंजन राजकुमार
राजकुमार
1608 1503 लखनऊ