कॉजपा का प्रदर्शन विफल, यह भीड़तंत्र की हार : भाजपा
दिलीप
- 10 Oct 2026, 06:52 PM
- Updated: 06:52 PM
नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि दिल्ली को ''बंधक'' बनाने के इरादे से किया गया प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा। पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की।
भाजपा नेता संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे सैकड़ों युवाओं और कई नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद कहा कि यह ''भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत'' है।
भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में पात्रा ने राहुल गांधी को ''नालायक'' नेता कहा। उन्होंने शुक्रवार को दिए गए गांधी के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक मुलाकात में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के ''वोट चोरी'' के आरोप का खंडन नहीं किया।
पात्रा ने कहा, ''जंतर-मंतर पर जो हो रहा है और टीवी तथा विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर जो दिखाया जा रहा है, वह भारत की वास्तविक तस्वीर नहीं है। भारत शांतिपूर्ण है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।''
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी और पूरे देश को बंधक बनाने की कोशिश की गई।
भाजपा नेता ने कहा, ''यहां हिंसा भड़काने, हाथापाई करने और सड़कों पर संघर्ष कराने की कोशिशें की गईं। लेकिन यह प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा।''
उन्होंने कहा, ''भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई। आज दिल्ली में जिस तरह लोकतंत्र की ताकत सामने आई है और पूरी स्थिति नियंत्रण में है, उसे देखते हुए मैं फिर कहना चाहता हूं कि अराजकता फैलाने वालों की कोशिशें नाकाम रही हैं और उनका प्रदर्शन विफल रहा।''
पात्रा ने गांधी पर निशाना साधा और भारत में एलन मस्क की स्टारलिंक परियोजना पर उनकी हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गांधी आज मस्क का भारत में 'स्वागत' कर रहे हैं, जबकि इससे पहले उनकी पार्टी के नेताओं ने भारत में स्टारलिंक परियोजना को लाइसेंस देने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे।
पात्रा ने वाम दलों के नेताओं और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी नेताओं की तुलना भी मीर जाफर से की। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी चुनाव जीते बिना सत्ता में आने के लिए अराजकता फैला रहे हैं, जबकि वृंदा करात समेत अन्य वामपंथी नेता 'वोट चोरी' के निराधार आरोपों को लेकर हंगामा कर रहे हैं। पात्रा ने दावा किया कि वामपंथी नेता ''नक्सलवाद के जरिए वसूली गई रकम से अपने घर चलाते थे'', जिसे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने खत्म कर दिया है।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पात्रा ने आरोप लगाया, ''आज मुकाबला मोदी बनाम मीर जाफरों के बीच है।''
भाजपा सांसद ने कहा, ''पूरे देश को सड़कों पर अराजकता फैलाने की इस कोशिश पर ध्यान देना चाहिए। इसका मकसद चुनाव जीते बिना या चुनाव लड़े बिना ही सत्ता हथियाना है। बिना मेहनत किए प्रधानमंत्री बनना है। इसके लिए वे देश को गिरवी रखने और दोहरे मापदंड अपनाने को भी तैयार हैं।''
पात्रा ने आरोप लगाया कि भारत में मुगलों और अंग्रेजों ने ''ऐसे ही मीर जाफरों'' की वजह से सत्ता हथियाई थी।
उन्होंने कहा, ''लेकिन यहां मोदी हैं और देश को अंग्रेजों तथा घुसपैठियों से केवल मोदी ही बचाएंगे। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि 'मोदी बनाम मीर जाफर' की इस लड़ाई में भारत की जनता मोदी जी और देश के साथ खड़ी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि मोदी जी को 140 करोड़ भारतीयों से ताकत मिलती है और वह उनके कल्याण के लिए काम करते हैं।''
मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था। उसने प्लासी की लड़ाई के दौरान नवाब के साथ विश्वासघात किया और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का साथ दिया, जिससे भारत में ब्रिटिश शासन का रास्ता साफ हुआ।
भाषा आशीष दिलीप
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