बजट में विभिन्न राज्यों के अधिकारों का हनन किया गया : समाजवादी पार्टी
सुरेश वैभव
- 24 Jul 2024, 08:07 PM
- Updated: 08:07 PM
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) ने 2024-25 के केंद्रीय बजट में किसानों, बुनकरों, नौजवानों, दलितों और पिछड़े वर्गों के साथ भेदभाव करने का बुधवार को आरोप लगाते हुए कहा कि इस बजट में विभिन्न राज्यों के अधिकारों का हनन किया गया है।
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार नौजवानों, किसानों, दलितों और पिछड़े वर्गों के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र का निजीकरण करना चाहती है।
आजमगढ़ से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘राजग सरकार ने 11वां बजट पेश किया है, लेकिन इसमें सभी वर्गों की उपेक्षा की गई है। यह सरकार गरीब-विरोधी, किसान-विरोधी, बुनकर-विरोधी, युवा-विरोधी, दलित और पिछड़ा विरोधी है।’’
यादव ने सरकार पर आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र करने का भी आरोप लगाया।
सपा के ही वीरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि बजट में देश के संघीय ढांचे को तहस-नहस कर दिया गया है, साथ ही विभिन्न राज्यों के अधिकारों का हनन भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख (अखिलेश यादव) के नेतृत्व में जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का रथ रोका गया है, उसी का नतीजा है कि वित्त मंत्री के मुंह से एक बार भी इस राज्य का नाम सुनाई नहीं दिया।
उन्होंने किसानों को खेती की लागत के अनुपात में उपज का उचित मूल्य दिये जाने की मांग की।
सिंह ने अग्निपथ योजना को समाप्त करने या जारी रखने के बारे में बजट में किसी प्रकार की चर्चा नहीं किये जाने को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाये।
उन्होंने कहा कि अग्निवीरों के मारे जाने की स्थिति में उन्हें शहीद का दर्जा दिये जाना चाहिए।
यादव ने भी अग्निपथ योजना को समाप्त करने की मांग सरकार से की।
चंदौली से पार्टी सांसद सिंह ने कहा कि गरीब रथ जैसी किफायती रेलगाड़ियों का संचालन अधिक से अधिक संख्या में किया जाना चाहिए।
पार्टी सांसद लालजी वर्मा ने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बारे में जिक्र है, न जातिगत जनगणना का उल्लेख।
उन्होंने सांसदों की क्षेत्रीय विकास निधि को मौजूदा पांच करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने की मांग की।
भाषा सुरेश