समाज के सभी वर्गों के विकास में योगदान देने का सदैव प्रयास करें: मुर्मू
देवेंद्र जोहेब
- 25 Jul 2024, 11:23 PM
- Updated: 11:23 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह सदैव समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों के विकास में योगदान देने का प्रयास करती हैं।
मुर्मू ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिये हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऐसे कई निर्णय लिए गए हैं जिनसे राष्ट्रपति भवन के साथ आम लोगों का जुड़ाव बढ़ा है।
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘अपने कार्यकाल का दूसरा वर्ष पूरा करने के मौके पर राष्ट्रपति मुर्मू ने एक शिक्षिका की भूमिका निभाई। राष्ट्रपति भवन परिसर में डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय विद्यालय के कक्षा नौ के विद्यार्थियों के साथ अपनी संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने प्रकृति संरक्षण और जलवायु परिवर्तन पर पाठ पढ़ाया।’’
उस समय को याद करते हुए जब वह उनकी (विद्यार्थियों) उम्र की थीं, मुर्मू ने पौधों और जानवरों की देखभाल के अपने अनुभव साझा किए।
बयान में कहा गया कि छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी तथा कई सुझाव भी दिए।
मुर्मू का जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के उपरबेड़ा गांव में हुआ था। उन्होंने 25 जुलाई, 2022 को राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी।
शीर्ष संवैधानिक पद संभालने से पहले, वह 2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल थीं।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमें सदैव समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित एवं पिछड़े वर्गों के विकास में योगदान देने का प्रयास करना चाहिए।’’
मुर्मू ने पुनर्विकसित शिव मंदिर का उद्घाटन किया और प्रणब मुखर्जी पब्लिक लाइब्रेरी गई, जहां उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत की और राष्ट्रपति भवन पुस्तकालय की पुरानी और दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटल संस्करण देखे।
विभिन्न डिजिटल पहल की शुरुआत के मौके पर अपने संक्षिप्त संबोधन में राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन परिसर में किए गए डिजिटलीकरण कार्य की सराहना की और कहा कि इससे सुविधा, गति, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमें सदैव समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों के विकास में योगदान देने का प्रयास करना चाहिए।’’
उन्होंने कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में कौशल भारत केंद्र का भी उद्घाटन किया।
भाषा
देवेंद्र