जर्मनी के चांसलर अक्टूबर में ‘हैमबर्ग सस्टेनेबिलिटी कॉन्फ्रेंस’ का उद्घाटन करेंगे : शीर्ष अधिकारी
गोला शोभना
- 08 Sep 2024, 01:34 PM
- Updated: 01:34 PM
(कुणाल दत्त)
नयी दिल्ली, आठ सितंबर (भाषा) जर्मनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यहां कहा कि ‘हैमबर्ग सस्टेनेबिलिटी कॉन्फ्रेंस’ अक्टूबर के पहले सप्ताह में होगी, जिसमें सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए ‘‘विचारों और नवाचारों’’ पर चर्चा के लिए दुनियाभर के विशेषज्ञ एक मंच पर आएंगे।
भारत में जर्मन दूतावास में विकास सहयोग विभाग के प्रमुख उवे गहलेन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि चांसलर ओलाफ शोल्ज इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
‘हैमबर्ग सस्टेनेबिलिटी कॉन्फ्रेंस’ सात और आठ अक्टूबर की शुरुआत में जर्मनी में होनी है।
गहलेन ने शुक्रवार को ‘नवीनीकरण ऊर्जा क्रांति के वित्त पोषण’ पर चर्चा में हिस्सा लिया और भारत को 2030 तक अपने नवीनीकरण ऊर्जा के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद देने में जर्मनी की भूमिका के बारे में बात की।
बाद में ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में उन्होंने दोनों देशों के बीच हरित एवं सतत विकास साझेदारी (जीएसडीपी) में की प्रगति और अक्टूबर में चांसलर शोल्ज की आगामी यात्रा के महत्व के बारे में बात की।
गहलेन ने स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत और जर्मनी के बीच संबंधों को ‘‘अद्भुत’’ बताया।
उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को 2030 तक पूरा करना है और ऐसा नहीं है कि पक्षकार संघर्ष कर रहे हैं बल्कि आगे का रास्ता ‘‘बहुत चुनौतीपूर्ण’’ होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए और गतिविधियों, और नेटवर्क, और अच्छे विचारों, नवाचारों की आवश्यकता है। और अब यह पहली बार हैमबर्ग में होगा तथा हमारे चांसलर ओलाफ शोल्ज इसकी शुरुआत करेंगे तो हमें इस पर काफी गर्व है।’’
जर्मनी के चांसलर शोल्ज और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मई 2022 में ‘जर्मन-भारतीय हरित एवं सतत विकास साझेदारी (जीएसडीपी)’ पर हस्ताक्षर किए थे, जो सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडे और पेरिस समझौते के उद्देश्यों की दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
शोल्ज का द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही मोदी से व्यापक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए अक्टूबर में भारत की यात्रा करने का कार्यक्रम है।
भाषा गोला