केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करें:16वें वित्त आयोग से तेलंगाना का आग्रह
निहारिका
- 10 Sep 2024, 01:54 PM
- Updated: 01:54 PM
हैदराबाद, 10 सितंबर (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 16वें वित्त आयोग से केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी मौजूदा 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का मंगलवार को आग्रह किया।
रेड्डी ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और सदस्यों के साथ बैठक में इस बात पर जोर दिया कि पिछले वित्त वर्ष के अंत तक तेलंगाना का ऋण बढ़कर 6.85 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने समिति से या तो ऋण का पुनर्गठन करने या राज्य को अतिरिक्त सहायता देने का अनुरोध किया, क्योंकि राजस्व का एक बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में खर्च हो रहा है।
रेड्डी ने कहा, ‘‘ मैं सभी राज्यों की ओर से केंद्रीय निधियों के आवंटन को 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग करता हूं...मैं आपसे वादा करता हूं कि अगर आप ऐसा कर सकते हैं, तो मैं भारत को 5000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लक्ष्य में एक बड़ी जिम्मेदारी निभाऊंगा।’’
वित्त मामलों के प्रभारी उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और सदस्यों के साथ बैठक में अपने भाषण में वित्त समिति से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राज्यों को उनकी विशिष्ट विकास आवश्यकताओं के अनुरूप सीएसएस (केन्द्र प्रायोजित योजना) कार्यक्रमों को तैयार करने के लिए आवश्यक स्वायत्तता दी जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके अतिरिक्त, हम केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में राज्यों के साथ साझा न किए जाने वाले उपकर तथा अधिभार में वृद्धि हुई है, जिससे राज्यों के पास कुल सकल कर राजस्व का छोटा हिस्सा रह गया है।’’
मंत्री ने कहा कि ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण बढ़ाने से राज्यों को कल्याणकारी कार्यक्रमों को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने और स्थानीय विकास को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक वित्तीय समर्थन मिलेगा।
अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व 16वें वित्त आयोग के सदस्य तेलंगाना के दौरे पर हैं। इस दौरान सोमवार को उन्होंने यहां कई राजनीतिक दलों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों और उद्योग मंडलों के साथ बैठक कीं।
भाषा