परमार दम्पति आत्महत्या कांड : मंत्री पटेल ने कांग्रेस को ‘साजिशों’ से बाज आने की नसीहत दी
हर्ष जितेंद्र
- 14 Dec 2024, 07:59 PM
- Updated: 07:59 PM
इंदौर, 14 दिसंबर (भाषा) मध्यप्रदेश में एक व्यवसायी और उसकी पत्नी की कथित आत्महत्या को लेकर मचे सियासी बवाल के बीच सूबे के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने इस मामले में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कांग्रेस के लगाये आरोपों को शनिवार को खारिज कर दिया।
उन्होंने सूबे के प्रमुख विपक्षी दल को साजिशों से बाज आने की नसीहत भी दी।
राज्य के सीहोर जिले में व्यवसायी मनोज परमार और उनकी पत्नी नेहा ने शुक्रवार को कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
कांग्रेस ने दावा किया कि परमार और उनकी पत्नी पार्टी के समर्थक थे और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके इस राजनीतिक झुकाव के कारण उन्हें परेशान किया।
परमार दम्पति के बच्चों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान उन्हें अपनी गुल्लक भेंट की थी।
परमार ने सोशल मीडिया पर सामने आए कथित सुसाइड नोट में गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं से उनके बच्चों को अकेला न छोड़ने का आग्रह किया और ईडी तथा भाजपा नेताओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाया।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि परमार दंपति की मौत आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि ‘राज्य प्रायोजित हत्या’ है क्योंकि ईडी का इस्तेमाल नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है ताकि वे भाजपा में शामिल हो जाएं।
कैबिनेट मंत्री पटेल ने परमार दंपति के आत्महत्या मामले को लेकर पटवारी के आरोपों पर इंदौर में संवाददाताओं से कहा,‘‘कांग्रेस के आरोप ऊपर से लेकर नीचे तक गलत हैं। हम किसी जांच से घबराते नहीं हैं, पर मुझे लगता है कि कांग्रेस षड़यंत्र करना कम कर दे, तो अच्छा होगा।’’
उन्होंने कहा कि राज्य में मोहन यादव की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने पिछले एक वर्ष के दौरान ‘विरासत और विकास’ को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के हित में बड़े कदम उठाए हैं।
पटेल ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस द्वारा 16 दिसंबर (सोमवार) को विधानसभा के घेराव की घोषणा पर कहा, ‘‘कांग्रेस महज विरोध के लिए विरोध करने को स्वतंत्र है। कांग्रेस का काम मर्यादाएं तोड़ना, भ्रम फैलाना और झूठ बोलना है। अगर कांग्रेस तथ्यों पर बात करे, तो हम बहस के लिए तैयार हैं।’’
मंत्री ने उज्जैन की सड़क परियोजनाओं को लेकर यादव मंत्रिमंडल में मतभेद की खबरों को खारिज किया।
उन्होंने कहा,‘‘यह भाजपा सरकार का मंत्रिमंडल है जिसमें वित्तीय मामलों पर सामान्य चर्चा होती है। अंगूठा लगाने का काम नहीं होता है। इस विषय में कोई भी विवाद नहीं है।’’
पटेल ने कहा,‘‘मैं (मंत्रिमंडल की बैठकों में) सदैव वित्तीय अनुशासन को लेकर सवाल करता हूं। इस पर जब हमारे मुख्यमंत्री को कोई आपत्ति नहीं है, तो किसी और व्यक्ति को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।’’
भाषा हर्ष