बंगाल चुनाव: पहले चरण के मतदान में छिटपुट झड़पें, उम्मीदवारों पर हमले; ईसी ने रिपोर्ट मांगी
मनीषा
- 23 Apr 2026, 02:00 PM
- Updated: 02:00 PM
(फोटो के साथ)
कोलकाता, 23 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बृहस्पतिवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के दौरान हिंसा और उम्मीदवारों पर हमले की छिटपुट घटनाएं हुईं। निर्वाचन आयोग ने प्रभावित क्षेत्रों में घटनाओं को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
राज्य में बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11 बजे तक 41 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ जो शुरुआती चरण में लोगों की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के नाओदा इलाके में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं जिसके बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
एजेयूपी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने शिवनगर गांव में व्याप्त तनाव के बीच एक मतदान केंद्र का दौरा किया जिसके बाद हिंसा भड़क उठी। तृणमूल समर्थकों ने इसके विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया, नारे लगाए और कबीर के वाहन को घेर लिया तथा उन्हें ''भाजपा का एजेंट'' करार दिया।
विरोधी गुटों ने कथित तौर पर पत्थर और ईंटें फेंकीं जिससे स्थिति और बिगड़ गई तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई। झड़पों में कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
कबीर ने सत्तारूढ़ पार्टी पर मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनावी कदाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता, ''पुलिस के साथ मिलकर'' बीती रात से ही धमकियां और प्रलोभन देकर मतदाताओं को प्रभावित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने चाहिए, लेकिन मतदान केंद्रों के बाहर लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।''
तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और पार्टी उम्मीदवार शाहिना मुमताज खान ने हिंसा की निंदा करते हुए इसे ''बेहद बुरी घटना'' बताया।
वहीं, बीरभूम के लाभपुर से भी हिंसा की खबरें आईं जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार देबाशीष ओझा के एक मतदान एजेंट पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिससे उनके सिर में चोटें आईं।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस आरोप का खंडन किया।
दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज में भाजपा ने आरोप लगाया कि उसके उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर मतदान केंद्र जाते समय तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हमला किया। यह हमला अशांति की खबरों के बाद हुआ।
पार्टी नेताओं ने बताया कि बाद में उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया और यह हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ।
अधिकारियों ने कहा कि वीडियो फुटेज के माध्यम से लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी राज्य में मतदान को शांतिपूर्ण बता रहे हैं जबकि इन घटनाओं ने राज्य भर में व्यापक स्तर पर तनाव को उजागर किया है और कई इलाकों में तनाव बना हुआ है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस कर्मियों सहित सुरक्षा बलों को संवेदनशील मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में तैनात किया गया है और त्वरित प्रतिक्रिया दल किसी भी तरह की झड़प को रोकने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने मुर्शिदाबाद और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में हुई घटनाओं के संबंध में जिला अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा
2304 1400 कोलकाता