पश्चिम एशिया के प्रभावित छात्रों के परीक्षा परिणामों पर नयी नीति ला सकता है केंद्र
नरेश
- 12 Jun 2026, 04:27 PM
- Updated: 04:27 PM
नयी दिल्ली, 12 जून (भाषा) केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह पश्चिम एशिया के उन निजी विद्यार्थियों को राहत देने के लिए एक नीति लाने पर विचार कर रही है जिनके परीक्षा परिणाम क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण सीबीएसई द्वारा घोषित नहीं किए जा सके हैं।
निजी विद्यार्थी वे होते हैं जो किसी नियमित स्कूल के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे परीक्षा बोर्ड (जैसे सीबीएसई) में पंजीकरण कराकर परीक्षा देते हैं।
न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की अवकाशकालीन पीठ को केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार इस संबंध में जल्द ही निर्णय लेने पर विचार कर रही है।
मेहता ने कहा, ''यह एक व्यापक मुद्दा है। सरकार इसी तरह की स्थिति वाले विद्यार्थियों के लिए एक नीति तैयार करने पर विचार कर रही है।''
इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई 22 जून तक स्थगित कर दी। यह याचिका सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासी छात्र प्रांशु जिगरकुमार पटेल ने दायर की है।
पटेल ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को उसके 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में सुधार के बाद के परिणाम की घोषणा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
याचिका में सीबीएसई द्वारा परिणाम घोषित न किए जाने को चुनौती दी गई है, जबकि खाड़ी देशों में सुरक्षा स्थिति के कारण परीक्षाएं रद्द होने पर छात्रों के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना बनाई गई थी।
सीबीएसई ने 13 मई को 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित किया था लेकिन याचिका के अनुसार पटेल का परिणाम घोषित नहीं किया गया और उनकी स्थिति ''आरएल'' (बाद में परिणाम) दिखाई गई।
पटेल का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सुधार परीक्षा में शामिल होने वाले निजी अभ्यर्थी भी इस मूल्यांकन योजना के दायरे में आते हैं या नहीं।
याचिका में कहा गया है कि पश्चिम एशियाई देशों में परीक्षाएं रद्द होने से प्रभावित निजी अभ्यर्थियों को भी सीबीएसई की विशेष मूल्यांकन योजना का लाभ मिलना चाहिए।
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था।
याचिका में कहा गया है कि परिणाम घोषित न होने के कारण पटेल की उच्च शिक्षा की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं और वह विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के अवसरों से वंचित हो गए हैं।
याचिका के अनुसार, पटेल ने 2026 की सीबीएसई की 12वीं कक्षा की सुधार परीक्षा में सऊदी अरब के अल जुबैल केंद्र से भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस विषयों में निजी अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा दी थी।
भाषा गोला नरेश
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