केरल में इस शैक्षणिक वर्ष से कॉलेज छात्राओं को मिलेगा 1,000 रुपये का मासिक वजीफा : मंत्री
पवनेश
- 12 Jun 2026, 04:28 PM
- Updated: 04:28 PM
तिरुवनंतपुरम, 12 जून (भाषा) केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के चुनावी वादे के तहत राज्य के सभी कॉलेजों की छात्राओं को 1,000 रुपये का मासिक वजीफा देने की योजना मौजूदा शैक्षणिक वर्ष के दौरान लागू की जाएगी।
जॉन ने यहां एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (केटीयू) की परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले यूडीएफ द्वारा घोषित पांच गारंटियों में से एक थी और इसे राज्य के बजट में शामिल किया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, ''चूंकि इसकी घोषणा बजट में की जाएगी, इसलिए मैं अभी अधिक जानकारी साझा नहीं करना चाहता। छात्राओं को 1,000 रुपये प्रदान करने की गारंटी इस शैक्षणिक वर्ष में लागू की जाएगी। परियोजना की शुरुआती तैयारियां पहले ही प्रारंभ हो चुकी हैं।''
केरल के विश्वविद्यालयों में राज्यपाल के हस्तक्षेप को लेकर विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए जॉन ने कहा कि विश्वविद्यालयों के दैनिक कामकाज में इस तरह का हस्तक्षेप पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था।
उन्होंने आरोप लगाया, ''इससे पहले, केरल के विश्वविद्यालयों के इतिहास में ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गई थी। एलडीएफ सरकार ने ही इस प्रवृत्ति का मार्ग प्रशस्त किया। सरकार से परामर्श किए बिना कुलपतियों, सीनेट सदस्यों और सिंडिकेट सदस्यों की नियुक्तियां एलडीएफ शासन के दौरान शुरू हुईं।''
मंत्री ने कहा कि एलडीएफ सरकार की ओर से ऐसे हस्तक्षेपों पर की गई प्रतिक्रिया सर्वविदित है।
उन्होंने दावा किया, ''विरोध प्रदर्शन और आंदोलन हुए, लेकिन राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच बातचीत समाप्त होते ही वे अचानक बंद हो गए। ये घटनाक्रम आपसी समझ का हिस्सा थे। उच्च शिक्षा क्षेत्र में यह प्रवृत्ति एलडीएफ शासन के दौरान शुरू हुई।''
जॉन ने एक बार फिर कहा कि यूडीएफ सरकार केरल के उच्च शिक्षा क्षेत्र के ''भगवाकरण'' के किसी भी प्रयास का समर्थन नहीं करेगी।
केरल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर और मेडिकल (केईएएम) प्रवेश परीक्षा के परिणामों की घोषणा में हो रही देरी के संबंध में मंत्री ने कहा कि सीबीएसई की 12वीं कक्षा के अंकों को लेकर बनी अनिश्चितता इसकी वजह है।
उन्होंने कहा, ''छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए हमने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के विद्यार्थियों के लिए अंकपत्र अपलोड करने की अंतिम तिथि 14 जून तक बढ़ा दी है। 12वीं कक्षा के परिणामों से जुड़ी अनिश्चितता दूर होने के बाद ही हम केईएएम के परिणाम घोषित कर पाएंगे।''
मंत्री ने कहा कि केईएएम परिणामों को अनिश्चितकाल तक रोका नहीं जा सकता क्योंकि इससे इंजीनियरिंग, कला और विज्ञान महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होगी।
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि एपीजे अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने 2026 की बीटेक डिग्री परीक्षाओं में अपने आठ वर्षीय इतिहास का सर्वाधिक उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 60.1 प्रतिशत रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है। यह आंकड़ा 2019 में 36.5 प्रतिशत, 2020 में 46.5 प्रतिशत, 2021 में 51.8 प्रतिशत, 2022 में 50.47 प्रतिशत, 2023 में 55 प्रतिशत, 2024 में 53 प्रतिशत और 2025 में 51 प्रतिशत था।
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