उत्तराखंड सरकार ने कर्णप्रयाग प्रकरण की जांच का आदेश दिया
शफीक
- 21 Jun 2026, 12:26 AM
- Updated: 12:26 AM
देहरादून, 20 जून (भाषा) उत्तराखंड सरकार ने शनिवार को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हाल में हेमकुंड यात्रा से लौट रहे निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के प्रकरण की जांच का आदेश दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
प्रदेश के गृह सचिव शैलेश बगोली ने यहां बताया कि गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक को मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बगोली ने बताया कि अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) से भी पूरे प्रकरण की स्थिति रिपोर्ट तलब की गई है।
उन्होंने कहा कि मामले को किसी भी प्रकार से धार्मिक विवाद का स्वरूप देना उचित नहीं है और प्रकरण को सांप्रदायिक रंग देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
बगोली ने कहा कि उत्तराखंड में सभी धर्मों और आस्थाओं का समान सम्मान है तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत सद्भाव, शांति और परस्पर सम्मान की रही है जिसे सरकार किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने देगी।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रशासन और पुलिस द्वारा स्थापित वैधानिक व्यवस्था का सहारा लेने की अपील भी की है।
गौरतलब है कि 16 जून को श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेककर वापस आ रहे कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं का कर्णप्रयाग बाजार में एक होटल के पास वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था जिसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया। झड़प में एक सिख श्रद्धालु भी चोटिल हुआ था। बाद में घटना के संबंध में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार सिख श्रद्धालुओं को गिरफतार भी किया गया।
इस बीच, कर्णप्रयाग में एक समुदाय द्वारा रविवार को धरना प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए प्रशासन ने कर्णप्रयाग में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। यह आदेश 27 जून तक प्रभावी रहेगा।
कर्णप्रयाग के उप जिलाधिकारी अलकेश नौडियाल द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि निहंग समुदाय द्वारा 21 जून को धरना-प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर कर्णप्रयाग में कानून एवं शांति व्यवस्था एवं वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा के संचालन में संभावित व्यवधान को देखते हुए जनहित में यह निषेधाज्ञा कार्रवाई की गयी है।
आदेश के अनुसार, कर्णप्रयाग में इस अवधि में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने या प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
भाषा दीप्ति सं शफीक
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