बंगाल: ममता ने बगावत के बीच अभिषेक का समर्थन किया, तृणमूल को फिर से मजबूत बनाने का संकल्प लिया
नरेश
- 15 Jul 2026, 06:19 PM
- Updated: 06:19 PM
कोलकाता, 15 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले कई बागी नेताओं द्वारा अभिषेक बनर्जी पर कथित मनमानी का आरोप लगाए जाने के बीच पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी बुधवार को उनके समर्थन में मजबूती से खड़ी नजर आईं।
ममता ने 'गद्दारों की ओर से' लोगों से माफी मांगी और कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार ने कभी राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए समझौता किया। उन्होंने तृणमूल में फूट के बाद अभिषेक बनर्जी का जोरदार तरीके से बचाव करते हुए कहा कि उनके भतीजे को पार्टी पर हमला करने का 'बहाना' बना दिया गया है।
ममता ने कहा कि अभिषेक और उनके परिवार के सदस्यों को बार-बार तलब किया गया लेकिन उन्होंने समझौता कर राहत पाने की बजाय राजनीतिक लड़ाई जारी रखना चुना।
पूर्व मुख्यमंत्री ने 'फेसबुक' पर लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, "अभिषेक बनर्जी को एक बहाना बना दिया गया है। उनके परिवार के सदस्यों को तलब किया गया। अगर वह चाहते तो राहत पा सकते थे, लेकिन वह मैदान छोड़कर नहीं भागे। जिस तरह उन्होंने लड़ाई जारी रखी, उससे उनकी सारी कमियां माफ हो गईं।"
हाल के हफ्तों में ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले कई वरिष्ठ नेताओं ने अभिषेक बनर्जी पर पार्टी को तानाशाही तरीके से चलाने और डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया था।
ममता बनर्जी ने दल बदलने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "मैं गद्दारों की ओर से लोगों से माफी मांगती हूं। मैंने राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए अपना 'विवेक' नहीं बेचा है।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समझौता करने से इनकार करने की वजह से उन्हें और उनके परिवार को लगातार राजनीतिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा, "अगर मैंने समझौता किया होता, तो हमें इतनी प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ती। जिन्होंने समझौता किया है, उनके अपने आग्रह और दुराग्रह हैं। "
ममता ने यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से पाला बदलने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा जांच एजेंसियों और पुलिस का इस्तेमाल कर नेताओं को दल बदलने के लिए मजबूर कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि कई नेता डर की वजह से दूसरी पार्टी में चले गए।
ममता ने कहा, "लोकसभा और राज्यसभा में अब भी हमारे 18 सांसद हैं। जो सांसद 'सेटिंग कंपनी' में शामिल हुए हैं, वे पुलिस के डर से ऐसा कर रहे हैं।"
ममता ने भाजपा का नाम लिए बिना कहा कि तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले नेता भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' और भाजपा समर्थित तृणमूल के बागी गुट में जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति (मदन मित्रा) आज गया, उसने कल ही हमें बताया था कि उसे और उसके परिवार को समन मिला है। तभी हमें समझ में आ गया था कि वह पाला बदल सकता है। जिनकी 'सेटिंग'है, वे भाजपा की वॉशिंग मशीन में जा रहे हैं।"
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश
1507 1819 कोलकाता