पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने के लिए दो नये स्थायी निकायों के गठन की अधिसूचना जारी की गई
वैभव
- 15 Jul 2026, 08:01 PM
- Updated: 08:01 PM
(अलिंद चौहान)
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पर्यावरणीय मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने के लिए दो नये स्थायी निकायों के गठन की अधिसूचना जारी की है।
नये निकाय उन मौजूदा राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) और राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समितियों (एसईएसी) के कार्यों को तब संभालेंगे, जब ये राज्य-स्तरीय संस्थाएं अपने कार्यकाल की समाप्ति, पुनर्गठन में देरी या अदालत द्वारा उनके कामकाज पर रोक लगाए जाने के कारण एक महीने से अधिक समय तक निष्क्रिय हो जाएंगी।
जहां एसईआईएए पर्यावरणीय मंजूरी प्रदान करता है, वहीं एसईएसी परियोजनाओं के मूल्यांकन में उसे सलाह देता है।
मंत्रालय ने मार्च में एक मसौदा अधिसूचना में ही नये निकायों के गठन का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद विशेषज्ञों ने इनके सदस्यों के चयन के मानदंडों को लेकर चिंता जताई थी।
नये निकायों का नाम पर्यावरण प्रभाव आकलन पर स्थायी प्राधिकरण (एसएईआईए) और पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन पर स्थायी समिति (एससीईआईए) रखा गया है। एससीईआईए परियोजनाओं को मंजूरी देने में एसएईआईए की मदद करेगा।
एसएईआईए में तीन सदस्य शामिल होंगे — अध्यक्ष के रूप में मुख्य सचिव या प्रशासक के सलाहकार या उपराज्यपाल; सदस्य के रूप में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल के प्रमुख); और सदस्य सचिव के रूप में राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार के पर्यावरण विभाग में कार्यरत विशेष सचिव या संयुक्त सचिव या उप सचिव स्तर के अधिकारी।
एससीईआईए में छह सदस्य होंगे। इसके अध्यक्ष के रूप में राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के पर्यावरण विभाग के प्रशासनिक सचिव होंगे; सदस्य के रूप में मुख्य वन्यजीव वार्डन होंगे; सदस्य के रूप में राज्य के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक या स्वास्थ्य सेवा निदेशक होंगे; और सदस्य के रूप में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या केंद्र शासित प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव होंगे।
इसमें एक विशेषज्ञ भी होंगे, जो राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) या राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के निदेशक या प्राचार्य होंगे अथवा आवश्यकता के अनुसार उनके द्वारा नामित व्यक्ति होंगे।
आईआईटी या एनआईटी के न होने की स्थिति में विशेषज्ञ का चयन राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक द्वारा किया जायेगा।
इसके अलावा, एससीईआईए के सदस्य सचिव के रूप में राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सरकार के पर्यावरण विभाग में कार्यरत विशेष सचिव, संयुक्त सचिव या उप सचिव स्तर के एक अधिकारी भी होंगे।
मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, जब राज्य समितियां निष्क्रिय होंगी, तब नए निकाय अधिकतम एक वर्ष से अधिक समय तक कार्य नहीं करेंगे।
इसके अलावा, मंत्रालय ने ईआईए अधिसूचना, 2006 में संशोधन किया है, जिसके तहत एसईआईएए और एसईएसी का कार्यकाल तीन वर्ष से बढ़ाकर चार वर्ष कर दिया गया है।
इसने राज्य सरकारों के लिए यह अनिवार्य भी कर दिया है कि वे एसईआईएए और एसईएसी के कार्यकाल की समाप्ति से ''कम से कम छह महीने पहले'' इनके पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दें।
भाषा
देवेंद्र वैभव
वैभव
1507 2001 दिल्ली