दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की योजना में कोई बदलाव नहींः उमर अब्दुल्ला
नरेश
- 15 Jul 2026, 06:25 PM
- Updated: 06:25 PM
श्रीनगर, 15 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि हाल में उनके चाचा शेख मुस्तफा कमाल के निधन के बावजूद केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर पार्टी के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन की योजना में कोई बदलाव नहीं होगा।
अब्दुल्ला ने इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही "अनुचित देरी" के विरोध में 20 जुलाई से राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के नए चरण की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अतिरिक्त महासचिव और उनके चाचा के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद संवाददाताओं से कहा, "इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।"
अब्दुल्ला ने कहा कि उनके चाचा की इच्छा भी यही होती कि पार्टी अपने तय कार्यक्रम में कोई बदलाव न करे।
अब्दुल्ला ने कहा, "कमाल साहब भी यही चाहते कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाए। उनकी तबीयत 11 जुलाई को बिगड़ गई थी और चिकित्सकों ने हमें बताया था कि वह नहीं बच पाएंगे। इसके बावजूद पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने हमें निर्देश दिया था कि कमाल साहब के साथ कुछ भी हो, पार्टी 12 जुलाई के जम्मू कार्यक्रम को जारी रखेगी। इसलिए जब हम 12 जुलाई का कार्यक्रम रद्द करने के लिए तैयार नहीं थे, तो दिल्ली में होने वाला यह प्रदर्शन निश्चित रूप से जारी रहेगा।"
उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।
उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए अनुमति मिलने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अभी तक उन्हें अनुमति नहीं मिली है।
अब्दुल्ला ने कहा, "अभी नहीं। हमें इंतजार कराया जा रहा है। जैसा कि मैंने कहा है, हमें धैर्य रखना आता है।"
उन्होंने कहा कि अगर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलती है तो पार्टी एक वैकल्पिक योजना भी तैयार रखेगी।
अब्दुल्ला ने कहा, "हम इंतजार करेंगे और अपनी वैकल्पिक योजना भी तैयार रखेंगे। मैंने अपने उन साथियों से कहा है, जिन्होंने अनुमति को लेकर आशंका जताई थी कि हम निश्चित रूप से 19 जुलाई को दिल्ली जाएंगे। अगर हमें जंतर-मंतर के लिए अनुमति नहीं मिलती है तो वहां बैठकर चर्चा करेंगे कि आगे क्या करना है लेकिन हम 19 जुलाई को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।"
अब्दुल्ला ने अपने चाचा के निधन को परिवार और पार्टी के लिए बेहद कठिन समय बताते हुए कहा कि वह केवल उनके पिता के छोटे भाई ही नहीं थे, बल्कि उनकी अपनी अलग पहचान भी थी।
उन्होंने कहा, "वह एक कुशल चिकित्सक थे, जिन्होंने जीवनभर गरीब मरीजों का इलाज किया। जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री रहने के दौरान भी उन्होंने तंगमार्ग में अपना नि:शुल्क क्लीनिक बंद नहीं किया और हर सप्ताह वहां जाकर क्षेत्र के गरीब लोगों का उपचार करते रहे।"
दिवंगत नेता के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि वह पहले विधान परिषद के सदस्य बने और बाद में 1986 में विधायक निर्वाचित हुए।
उन्होंने कहा कि 1997 में कमाल साहब तंगमार्ग विधानसभा क्षेत्र से दोबारा निर्वाचित हुए। इसके बाद उन्होंने पट्टन विधानसभा क्षेत्र से दो बार उपचुनाव जीता और 2009 में हजरतबल विधानसभा क्षेत्र से भी जीत दर्ज की।
मुख्यमंत्री ने कहा, "यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना इस बात का प्रमाण है कि कमाल साहब ने अपने जीवन में बहुत से लोगों के दिलों को छुआ। हमें इसका एहसास है और हम इसके लिए आभारी हैं।"
भाषा राखी नरेश
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