छत्तीसगढ़: 'न्यूज़', 'स्पेसरानी', 'हे राम', 'तुफैल' ने पास की पीएससी परीक्षा, नामों को लेकर हुआ विवाद
जोहेब
- 07 Aug 2026, 03:59 PM
- Updated: 03:59 PM
रायपुर, सात अगस्त (भाषा) छत्तीसगढ़ में सूबेदार, पुलिस उप निरीक्षक और पलटन कमांडर के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में 'न्यूज़', 'स्पेसरानी', 'हे राम', 'तुफैल' और 'भक्त प्रह्लाद' जैसे नाम वाले उम्मीदवारों के उत्तीर्ण होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।
राज्य के विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
हालांकि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) ने आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि परिणाम में दिखने वाले नाम वही हैं जो उम्मीदवारों ने अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में डाले व जमा किए थे।
वहीं इन उम्मीदवारों ने भी अपने नामों को लेकर किसी तरह से अफवाह नहीं फैलाने की अपील की है।
आयोग ने कहा कि उम्मीदवारों ने दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा में उन्हीं नामों का इस्तेमाल किया, जो उनके प्रवेश पत्र पर भी प्रकाशित थे।
गृह विभाग के तहत सूबेदार, उप निरीक्षक और पलटन कमांडर के 341 पदों पर भर्ती के लिए सीजीपीएससी ने 12 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में प्रारंभिक परीक्षा कराई थी। परीक्षा के लिए कुल 183 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम चार अगस्त को घोषित किया गया था, जिसमें 7,301 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए योग्य माने गए हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब परिणाम की कथित सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें न्यूज, स्पेसरानी, हे राम, भक्त प्रल्हाद और तुफैल जैसे नाम थे।
जिन उम्मीदवारों के नाम वायरल हुई पोस्ट में थे, उन्होंने भी आगे आकर साफ किया कि परिणाम में जो नाम दिख रहे हैं, वे उनके असली नाम हैं, और दस्तावेजों में भी यही नाम दर्ज हैं।
कांग्रेस नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इन नामों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "न्यूज और स्पेस रानी को सीजीपीएससी द्वारा आयोजित उप-निरीक्षक प्री एग्जाम में सांय-सांय सफलता मिली है। दोनों को सांय-सांय बधाई। सनी लियोनि को महतारी वंदन योजना का लाभ मिलने के बाद ये विष्णुदेव जी की अभूतपूर्व उपलब्धि है। एक करोड़ रुपए के प्रतिदिन विज्ञापन देकर जनसम्पर्क विभाग को चौराहों पर इस उपलब्धि को टांगना चाहिए ताकि आने वाले दिनों में "रेडियो" और स्पेस राजा भी किसी परीक्षा में सफल हो सकें।''
राज्य में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनावों में युवाओं के वोट हासिल करने के लिए भाजपा ने संघ लोग सेवा आयोग (यूपीएससी) की तरह परीक्षाएं कराने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
सूची में नामों को लेकर शुक्ला ने कहा कि परीक्षा कराने में राज्य लोक सेवा आयोग और सरकार ने लापरवाही बरती है।
कांग्रेस नेता ने यह आरोप लगाया कि पिछले ढाई साल में राज्य में हुई कई भर्ती और परीक्षाएं शक के घेरे में हैं।
सीजीपीएससी ने बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में नामों के बारे में सोशल मीडिया के दावों को 'गुमराह करने वाला और बेबुनियाद' बताया।
आयोग ने कहा, "न्यूज, स्पेसरानी, हे राम, भक्त प्रह्लाद और तुफैल जैसे नामों के बारे में अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ गुमराह करने वाली और तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी फैलाई जा रही है और उम्मीदवारों के असली नामों का मजाक उड़ाते हुए परीक्षा के नतीजे पर सवाल उठाए जा रहे हैं।"
आयोग ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को "पूरी तरह से खारिज" करता है।
आयोग ने कहा, ''परीक्षा परिणाम में दिखाए गए उम्मीदवारों के नाम वही हैं जो संबंधित उम्मीदवारों ने अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में लिखे थे और आखिर में जमा किए थे।''
आयोग ने कहा है, ''उम्मीदवारों ने दस्तावेज और शारीरिक परीक्षा के साथ-साथ प्रारंभिक परीक्षा भी इन्हीं नामों से दी थी, और उनके नाम प्रवेश पत्र पर भी उसी हिसाब से दिखाए गए थे।''
सीजीपीएससी ने उम्मीदवारों और आम लोगों को सलाह दी कि वे गुमराह करने वाली जानकारी पर यकीन न करें और सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
सफल उम्मीदवारों में से एक, न्यूज कुमार प्रधान ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने सीजीपीएससी उप-निरीक्षक प्रारंभिक परीक्षा पास की है और लेकिन बिना सही जानकारी प्राप्त किए उनके नाम पर बेवजह सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रधान ने कहा, ''मेरा नाम न्यूज कुमार प्रधान है। मेरे 10वीं कक्षा के अंकपत्र में मेरा उपनाम नहीं लिखा है। मेरी 10वीं और 12वीं कक्षा के अंकपत्र और आधार कार्ड पर सिर्फ़ 'न्यूज' नाम लिखा है, उपनाम नहीं। लोगों को लगता है कि नाम गलत है।''
उन्होंने बताया कि वह रायगढ़ ज़िले के भाटनपाली गांव के रहने वाले हैं।
रायपुर ज़िले के नयापारा शहर के रहने वाले 29 साल के तुफ़ैल ने शुक्रवार को फोन पर 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उनके सभी दस्तावेज में उनका नाम एक जैसा ही है।
उन्होंने कहा, ''परिणाम आने के बाद, बिना किसी जानकारी या सच्चाई के 'स्पेसरानी', 'न्यूज' और 'तुफैल' जैसे नामों के बारे में अफवाहें फैलाई जा रही हैं। ये उन छात्रों के नाम हैं जिन्होंने सालों तक परीक्षा की तैयारी की है।"
तुफैल ने अफ़वाहें न फैलाने और सीजीपीएससी की पारदर्शिता पर सवाल न उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ऐसे दावों से आम परिवारों के उम्मीदवारों का हौसला कम हो रहा है।
एक अन्य सफल परीक्षार्थी, हे राम ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उनके पिता का नाम राजनारायण है और वह मुंगेली जिले के रहने वाले हैं।
उन्होंने कहा, "मेरा नाम हे राम है और मैंने पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। कुछ लोग मेरे नाम पर सवाल उठा रहे हैं। मेरा उपनाम कश्यप है, लेकिन यह मेरे किसी भी दस्तावेज में नहीं लिखा है। इसलिए, फार्म भरते समय मैंने सिर्फ़ अपना नाम ही लिखा।"
इसी तरह, भक्त प्रह्लाद ने बताया कि उनके पिता का नाम सोनराम ध्रुव है और उनके सभी दस्तावेजों में उनका नाम 'भक्त प्रह्लाद' ही लिखा है।
उन्होंने कहा, "मेरा उपनाम नहीं लिखा है। कृपया मेरे नाम को लेकर अफवाह न फैलाएं।"
भाषा संजीव
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