मनोज कुमार की सुपरहिट फिल्मों के सदाबाहर गीत
जितेंद्र संतोष
- 04 Apr 2025, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
मुंबई, चार अप्रैल (भाषा) मनोज कुमार की सिनेमाई विरासत का आधार केवल उनके अभिनय और उनके निर्देशन वाली फिल्में ही नहीं हैं, बल्कि कई मधुर गीत भी हैं जो उनकी फिल्मों के अभिन्न हिस्सा हैं। फिर चाहे बात हताशा की हो या खुशी या फिर देशभक्ति की, मनोज कुमार की फिल्मों के गीत आपके मन को मोह ही लेंगे।
मनोज कुमार का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे।
आईए जानते हैं फिल्मों के 10 ऐसे लोकप्रिय गीतों के बारे में जिनमें मनोज कुमार ने अभिनय किया है।
1- ‘लग जा गले’: 1964 में आई फिल्म ‘वो कौन थी?’ के इस गीत को महान गायिका लता मंगेशकर ने गाया था। यह एक रोमांटिक गीत है। मनोज कुमार की फिल्मों के जिन गीतों को सबसे ज्यादा रीमिक्स किया गया उनमें यह गीत भी शामिल है।
2-‘चांद सी महबूबा होगी मेरी’: 1965 में आई फिल्म ‘हिमालय की गोद में’ का यह गीत हिमालय की लुभावनी पृष्ठभूमि में फिल्माया गया था।
3-‘ओ मेरा रंग दे बसंती चोला’: 1965 में आई फिल्म ‘शहीद’ के इस गीत को मुकेश ने गाया था, जो न सिर्फ देशभक्ति पर आधारित है बल्कि बलिदान, साहस और क्रांति की भावना का प्रतीक भी है। महेंद्र कपूर, लता मंगेशकर और राजेंद्र मेहता ने भी इस गीत को अपनी आवाज दी है।
4-‘मेरे देश की धरती सोना उगले’: 1967 में आई फिल्म उपकार का यह गीत हर भारतीय की जुबां पर चढ़ गया और आज भी स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर इसे बार-बार बजाया जाता है।
5-‘तौबा ये मतवाली चाल’: 1967 में आई फिल्म ‘पत्थर के सनम’ के इस गीत को गाया है मुकेश ने और संगीत दिया है लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने। यह गीत मनोज कुमार की करिश्माई उपस्थिति का प्रमाण है। यह गीत आज भी प्रशंसकों का पसंदीदा गीत बना हुआ है।
6-‘पत्थर के सनम’: दिल टूटने और विश्वासघात पर आधारित इस गीत को मोहम्मद रफी ने गाया था। मजरूह सुल्तानपुरी द्वारा लिखित इस गीत को लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने संगीत दिया है।
7-‘है प्रीत जहां की रीत सदा’: 1970 में आई फिल्म ‘पूरब और पश्चिम’ का यह गीत दिल को छू लेने वाला है, जिसके बोल प्रेम धवन ने लिखे हैं और महेंद्र कपूर ने इसे भावपूर्ण ढंग से गाया है।
8-‘एक प्यार का नगमा है’: 1972 में आई फिल्म ‘शोर’ में मनोज समुद्र किनारे वायलिन बजाते हुए नजर आ रहे हैं और अभिनेत्री नंदा नीली साड़ी में किनारे पर दौड़ रही हैं।
9-‘महंगाई मार गई’: 1974 में आई फिल्म ‘रोटी कपड़ा और मकान’ के इस गीत को लता मंगेशकर और मुकेश ने गाया है, जो आम आदमी के सामने आने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डालने के लिए लोकप्रिय हुआ। वर्मा मलिक द्वारा लिखित इस गीत को संगीत दिया है लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने।
10-‘मैं ना भूलूंगा’: ‘रोटी कपड़ा और मकान’ का एक और लोकप्रिय गीत, जिसमें मनोज कुमार और जीनत अमान द्वारा निभाए गए किरदारों के बीच पनपते प्यार को दर्शाया गया है। भाषा
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