एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते मराठों को मिला था आरक्षण : उदय सामंत
रवि कांत रवि कांत नरेश
- 31 Aug 2025, 06:21 PM
- Updated: 06:21 PM
मुंबई, 31 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत और दादा भुसे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा मराठाओं के लिए किए गए कार्यों का बचाव करते हुए रविवार को कहा कि जब शिंदे राज्य सरकार के मुखिया थे तो मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था।
एकनाथ शिंदे 30 जून, 2022 से पांच दिसंबर, 2024 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला कानून पिछले साल फरवरी में पारित किया गया था। सामंत और भुसे दोनों ही शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता हैं।
सामंत और भुसे दोनों ने संवाददाताओं से कहा,‘‘ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते मराठा समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था।’’
दोनों मंत्रियों ने बताया कि आरक्षण के अलावा, मुख्यमंत्री के रूप में शिंदे के कार्यकाल के दौरान रिक्त पदों को भी भरा गया था।
सामंत ने कहा कि अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल द्वारा ब्याज मुक्त ऋण दिए गए, विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले मराठा समुदाय के छात्रों को वित्तीय सहायता दी गई।
शिवसेना के मंत्रियों की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन पर संवाददाताओं से कहा कि वे ये सवाल शिंदे से पूछें।
ठाकरे ने पत्रकारों द्वारा शनिवार को आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर कहा, “केवल एकनाथ शिंदे ही मराठा आंदोलन और आरक्षण के मुद्दे के बारे में सब कुछ बता सकते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि मनोज जरांगे क्यों वापस आए हैं, तो एकनाथ शिंदे से पूछें। पिछली बार, जब वे मुख्यमंत्री के रूप में नवी मुंबई गए थे तो उन्होंने इस मुद्दे को सुलझा लिया था। यह मुद्दा फिर से क्यों उठा है? इन सभी सवालों के जवाब केवल शिंदे ही दे सकते हैं।”
जरांगे मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार से दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर हैं। वह चाहते हैं कि मराठाओं को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल कृषक जाति कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए, ताकि उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण मिल सके, हालांकि ओबीसी नेता इसका विरोध कर रहे हैं।
भाषा रवि कांत रवि कांत